दस दिवसीय धम्म प्रशिक्षण शिविर के समापन पर बौद्ध भिक्षु जी०एस० थाहा को चिमनी वस्त्र पहना करके उनका किया गया स्वागत | New India Times

शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:

दस दिवसीय धम्म प्रशिक्षण शिविर के समापन पर बौद्ध भिक्षु जी०एस० थाहा को चिमनी वस्त्र पहना करके उनका किया गया स्वागत | New India Times

अलवापुर दी बोद्धि सोसायटी आफ इंडिया भारतीय बौद्ध महासभा शाखा गोरखपुर के तत्वाधान में 14 से 23 अक्टूबर तक चलने वाले 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज अंतिम दिन संत रविदास महासभा के लोगों ने बौद्ध भिक्षु जी०एस० थाहा को चिमनी वस्त्र पहना करके उनका स्वागत किया गया  संत रविदास मंदिर अलवापुर गोरखपुर में चल रहा है धम्म प्रशिक्षण शिविर में कुल 20 लोगों ने बौद्ध भिक्षु बने पूजनीय भनते जीoएसoथाहा संघ के नायक के नेतृत्व में यह शिविर 10 दिन संचालित होगी।

बौद्ध भिक्षु जी०एस०थाहा ने प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य चरित्र का निर्माण व्यक्तित्व का स्वर्णिय विकास करना बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार करना समाज में व्याप्त बाह्यआडम्बर, अंधविश्वास, रूढ़िवादी परम्पराओं को समाप्त करना बाबा साहब के मिशन को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित करना व शील संपन्न समाज तैयार करने के साथ-साथ तथागत गौतम बुद्ध, सावित्री बाई फूले, ज्योतिबा राव फूले, छत्रपति शाहूजी महाराज, डॉक्टर बाबा साहब अंबेडकर व अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े समुदाय में जन्मे सभी महापुरुषों के जीवन व उनके व्यक्तित्व के बारे में विशेष जानकारी  दिया जाना है। अतःधम्म बंधुओं से सादर अनुरोध है कि आप सब धम्म प्रशिक्षण शिविर में भाग लेकर परम पूज्य बोधिसत्व डॉक्टर बाबा साहब अंबेडकर बुद्धमय भारत के सपने को साकार करने एवं प्रशिक्षण को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान प्रदान करें।

जिला रविदास महासभा के जिला अध्यक्ष राजन कुमार एडवोकेट ने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार एवं लोगों में चेतना आचरण, व्यवहार जन-जन तक पहुंचाना है कार्यक्रम में जिला महामंत्री संत राज भारती ने कहा कि भगवान बुद्ध ने कहा कि मानव-मानव एक समान जिला संरक्षक सोमई बौद्ध, विद्याधर, राजकुमार, पूर्णमासी, शुकदेव प्रसाद, ने भी संबोधित किया और कहा कि 14 अक्टूबर 1956 को डॉo बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने अपने लाखों अनुयाईयों को लेकर बौद्ध धर्म अपनाया अपने समाज को एक धर्म दिया जिसे पूरे समाज को अपनाना चाहिए धम्म प्रशिक्षण का समापन 23 अक्टूबर को किया गया।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से संतराज भारती,भरत प्रसाद, राजकुमार, विद्याधर, सोमई बौद्ध, पूर्णमासी, शुकदेव प्रसाद, राजकुमार भारती,तीजू प्रसाद, मनोज कुमार, पशुपति नाथ रविकुल, सुरेन्द्र भारती, विष्णु कुमार, सुरेश कुमार भारती, सुरेश प्रसाद, दयानंद भारती, बेनी प्रसाद, कपिल देव, सुभाष चंद्र, सुनील चंद,अरविंद कुमार, मोहन कुमार, नंद लाल, सतीश चंद्र बौद्ध, दीपक एवं बड़ी में लोग उपस्थित रहे।

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