शेख यूनुस, उज्जैन(मध्यप्रदेश ), NIT;
केंद्र की मोदी सरकार के 500 और 1,000 के नोट अवैध घोषित करने के बाद बैंकों में जहाँ नोट बदलवाने की होड लगी है वहीं बैंकों में अजीबोगरीब मामले सामने आ रहे हैं। बैंक आफ इंडिया के नागझिरी शाखा मध्य प्रदेश में पहले बैंक की गलती से एक गरीब मजदूर के एकाउंट में 99 अरब रुपए जमा किए और फिर राशि को डेबिट कर खाते को सीज कर दिया गया, जिससे बेचारा गरीब मजदूर अपनी बेटी की स्कूल की फीस भरने से महरूम रह गया। यह मामला मध्य प्रदेश स्थित उज्जैन के खेड़ी का है जहां मजदूरी कर परिवार का खर्च उठाने वाले अंबाराम के खाते में माइनस 99 अरब रुपए दिख रहा है।
पीडित मजदूर ने बताया कि इस बात की जानकारी तब हुई जब वह खेड़ी स्थित बैंक ऑफ इंडिया की नागझिरी शाखा में अपनी बेटी ममता की फीस के लिए पैसा निकालने पहुंचा। वहां बैंक अधिकारियों ने अंबाराम को जानकारी दी कि उनके खाते में माइनस 99 अरब रुपए डेबिट चल रहे हैं। उनका खाता सीज कर दिया गया है। यह जान कर अंबाराम के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने यह बात अपने जानने वालों को बताई, जिन्होंने सलाह दी कि वो एटीएम जाकर खाते का बैलेंस चेक करें। इसके बाद अंबाराम वेदनगर स्थित एटीएम गए और वहां बैलेंस चेक किया तो पता चला कि माइनस 99 अरब रुपए खाते में हैं।
बकौल अंबाराम उनके खाते मं 1500 रुपए हैं और उसमें से वह 500 रुपए निकालने गया था लेकिन खाता सीज हो जाने के कारण वो रुपए नहीं निकाल पाया और अब फीस जमा करने में दिक्कत आ रही है। अंबाराम का कहना है कि मेरे खाते में माइनस 99 अरब रुपए डेबिट कैसे आ रहा है, इस बारे में मैं कुछ नहीं जानता।
