पीयूष मिश्रा / परसराम साहू, सागर (मप्र), NIT;
देवरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गौरझामर वन परिक्षेत्र में इन दिनों पेड़ों की कटाई जोरोंरपर चल रही है जिसकी तरफ वन विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
बताया जा रहा है कि करीब एक दिन में दस से बारह पेड़ों की कटाई हो रही है और वन विभाग को इसकी खबर तक नहीं है। दिन दहाड़े यह कटाई की जा रही है, हरे भरे पेड़ रोज काटे जा रहे हैं। जब इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि हमें लोकेशन बताओ कटाई कहाँ हो रही हैं। अगर लोकेशन हम बताएंगे तो आप सरकार से तनख्वाह किस बात की लेते हैं। जब वन विभाग से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी।
माना जा रहा है कि वन विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से हरे भरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। अगर बात करें खैराना बीट की तो यहां भी वही हाल नजर आ रहा है।
एक ओर मध्यप्रदेश सरकार वृक्ष लगाओ अभियान चला रही है। वहीं दूसरी ओर अधिकारी सरकार की योजनाओं को पलीता लगाते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं सालावार बीट का भी बुरा हाल है। हम आपको बता दें कि सालावार बीट में तो लकड़ी माफिया पेड़ सुखा सुखाकर ले जा रहे हैं लेकिन वन विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। वहीं जब NIT संवाददाता ने वन विभाग के एसडीओ डी.पी.गुप्ता से इस संम्बंध में मिलने की बात कही तो महोदय जी ने कहा कि अभी वह बाहर हैं। जब संवाददाता महोदय जी के आफिस पहुंचा तो महोदय जी आफिस में मौजूद मिले। जब हमारे संवाददाता ने इस संम्बंध में बात करनी चाही तो उनका कहना था अभी वह बहुत व्यस्त हैं। कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि अधिकारियों की मिलीभगत से हरे भरे पेड़ों की दिन दहाड़े कटाई की जा रही हैं और कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा।
सूचना के अधिकार को दिखाया जा रहा है ठेंगा
जी हाँ सूचना के अधिकार को अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं, समय सीमा समाप्त होने के बाद भी अधिकारी जानकारी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। अगर ये जानकारी वन विभाग के पास नहीं मिलेगी तो कहां मिलेगी?
