सुहेल फारुकी, मुंबई, NIT;
मुंबई के भिंडी बाजार पुनर्वास परियोजना को गति देने के लिए म्हाडा और सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट (एसबीयूटी) ने यहां के निवासियों के विस्थापन के लिए विशेष योजना बनाई है। 2019 तक भिंडी बाजार के 900 निवासियों को नया घर दिए जाने की योजना है। इसके अलावा 300 मामले ऐसे हैं, जिन पर फैसला नहीं हो पाया है। इन पर म्हाडा का अतिरिक्त अभियंता विभाग 15 दिनों में सुनवाई करेगा।
मुंबई के भिंडी बाजार स्थित पुरानी इमारतों का क्लस्टर रीडिवेलपमेंट के तहत विकास किया जा रहा है। इसमें करीब 250 इमारतें हैं जो कि म्हाडा की उपकर प्राप्त इमारतें हैं और जर्जर अवस्था में हैं। इनमें 20,000 से अधिक निवासी हैं, जिनका पुनर्वास किया जाना है। पिछले कई सालों से यहां की इमारतें खाली न किए जाने से पुनर्वास परियोजना अधर में है।
इसे फास्ट ट्रैक पर लाने के लिए म्हाडा उपाध्यक्ष मिलिंद म्हैस्कर और एसबीयूटी ने योजना तैयार की है। यहां 1000 निवासी हैं जो जर्जर इमारतों को खाली नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा 300 मामले मालिकाना हक को लेकर हैं, जिनकी सुनवाई की जानी है। तीसरी समस्या जमीन मालिकों द्वारा सहयोग न किए जाने की है। मिलिंद म्हैस्कर ने बताया कि विवाद को सुलझाने के लिए हम विशेष टीम बनाएंगे और तीन महीने में इनका निबटारा हो जाएगा, ताकि परियोजना को गति मिल सके। एसबीयूटी प्रवक्ता ने बताया कि हम 2019 तक 900 लोगों को नया घर दे देंगे।
