अरशद आब्दी / सूरज कुमार, झांसी ( यूपी ),NIT;
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भारतीय जनता पार्टी के महापौर पद के प्रत्याशी रामतीर्थ सिंघल के समर्थन में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘जबर’ नेता हैं। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा को ही कामयाबी मिलेगी।
रविवार को मुक्ताकाशी मंच पर उन्होंने बताया कि विश्व के आधुनिक शहरों की भांति झांसी का विकास कराया जाएगा। विकास में पैसे की कमी बाधक नहीं बनेगी। दूसरी सरकारों की तरह भाजपा केवल शिलान्यास नहीं करेगी, बल्कि विकास कार्य कराए जाएंगे। बुंदेलखंड के युवाओं को आने वाले वक़्त में रोजगार के लिए दिल्ली नहीं भागना पड़ेगा, यहीं पर विकास की योजनाएं शुरू करेंगे। प्रधानमंत्री बिना अवकाश लिए लगातार काम कर रहे हैं, इससे विपक्षी दल परेशान हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री को रोकने के लिए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस में प्रतियोगिता चल रही है, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिलेगी। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी को कभी मंदिर जाने में झिझक होती थी लेकिन अब वह मंदिर में मत्था टेक रहे हैं। समाजवादी सरकार ने रामभक्तों पर लाठियां चलवाईं थीं, अब वही समाजवादी सैफई में मंदिर बनवा रहे हैं। बुंदेलखंड में केवल कमल खिलेगा, क्योंकि यहां कोई दूसरी खेती नहीं होती।
महारानी के बलिदान का मंचन
मुक्ताकाशी मंच पर स्वामी विवेकानंद विद्यालय की छात्राओं ने वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। बाद में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की भूमिका निभाने वाली प्रियांशी रावत ने मंच से कविता प्रस्तुत की।
इस मौके पर महापौर प्रत्याशी रामतीर्थ सिंघल, विधायक रवि शर्मा, पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ला, प्रदेश महामंत्री विद्या सागर सोनकर, प्रदेश मंत्री चौधरी देवेंद्र सिंह, मानवेंद्र सिंह, हरगोविंद कुशवाहा, विधायक जवाहर लाल राजपूत, राजीव सिंह, निवर्तमान महापौर किरन वर्मा, डा. धन्नूलाल गौतम, डा. कंचन जायसवाल, जेके सिंह, मोहन सिंह यादव, संजय दुबे, संतोष गुप्ता, प्रदीप सरावगी, डा. जगदीश चौहान, सुबोध गुबरेले, संजीव अग्रवाल, अशोक राजपूत, अमित साहू, जगदीश साहू आदि मौजूद रहे।
भगवा दुपट्टा डाला, पर नहीं हुई घोषणा
डिप्टी सीएम के कार्यक्रम में पूर्व विधायक सतीश चंद्र जतारिया की भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा होनी थी। वह मुक्ताकाशी मंच पर भगवा दुपट्टा डालकर पहुंच भी गए थे। उपमुख्यमंत्री को घोषणा करनी थी, लेकिन जब उन्हें पता चला कि पूर्व विधायक पार्टी बदलने में एक्सपर्ट हैं तो उनकी भाजपा में शामिल होने की घोषणा टाल दी गई। उपमुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि बिना मुख्यमंत्री की अनुमति के घोषणा नहीं हो सकती है। पूर्व विधायक के अलावा अन्य दलों के चार नेताओं की भाजपा में आने की घोषणा होनी थी, लेकिन पूर्व विधायक की घोषणा रुक जाने के बाद अन्य किसी नेता का नाम घोषित नहीं हो सका। यह बात दूसरी है कि यह दलबदलू नेता खुले आम भारतीय जनता पार्टी का प्रचार कर रहे हैं।
कुर्सियां खाली रहीं मुक्ताकाशी मंच पर
सभा में महिला र्यकर्ताओं की संख्या बहुत कम रही। स्थिति यह रही कि अंत तक बहुत सी कुर्सियां खाली बनी रहीं। बैठने के लिए के कुर्सियां तो थी पर जनता नहीं थी। विपक्षियों का सवाल है कि ऐसे स्थिति में झाँसी में कमल कैसे खिलेगा?
