दयाशंकर पांडे, इलाहाबाद (यूपी), NIT;
इलाहाबाद जिला के मऊआइमा थाना अंतर्गत बाइक सवार को बचाने के चक्कर में बस नंबर यूपी-70 सीटी 1543 सडक से नीचे उतर खाई में चली गयी जिससे 35 से अधिक यात्री घायल हो गए जिसमें से आधा दर्जन लोग काफी गंभीर रूप से घायल हो गए जिसमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई है । दुर्घटना में बस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है।
इन्स्पेक्टर मऊआइमा ने बताया कि एक घायल मृत्यु हो गयी है। यह घटना सुबह 10 बजे की है। गंभीर अति गम्भीर यात्रियों का इलाज बेली हॉस्पिटल व स्वरूप रानी हॉस्पिटल में चल रहा है। यह बस शमशेर गंज थाना जेठवारा से मेडिकल चौराहा इलाहाबाद के लिए जा रही थी।
इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी कोई पुलिस अधिकारी, कोई शासन व जिले के जिलाधिकारी व नेतागण, विधायक, मंत्री अस्पतालों में जाकर 5 बजे शाम तक हाल चाल लेना मुनासिब नहीं समझा।
योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार में इन अवैध रूप से चल रही खटारा बसों के लिए पुलिसिया परमिट रहता है। आरोप है कि इन प्राइवेट बसों से सभी थानों की माहवारी रकम फिक्स है, चाहे इलाहाबाद जिला हो या प्रतापगढ़। मृतक यात्री हो या गंभीर रूप से घायलों को कौन देगा मुआवजा यह बड़ा ही गम्भीर प्रश्न है। यहां कोई आपातकालीन वयवस्था नहीं थी जिस कारण यात्री तड़पते रहे।

बहुत ही दुखद घटना है ।
सरकार को खटारा बसों की चलाने की परमिट कैंसिल करना चाहिए ।
जिन्होंने बस चलाने की परमिट दी उनके खिलाफ जांच कराई जाय तथा दोषी को कड़ी सजा दी जाए।
सरकार को बसों के परमिट पास करने के लिए उचित व्यवस्था की जाए।
ताकि दोबारा ऐसी कोई घटना न हो ।