जितेंद्र वर्मा, हरदा ( मप्र ), NIT;
कलेक्टर कार्यालय की प्रमुख शाखा लोक सेवा केंद्र के जिला प्रभारी के संरक्षण में उनकी के नाम पर यह लोक सेवा केंद्र सेंटर शुरू से ही चलाया जा रहा है। जिले और आसपास के हितग्राहियों को प्रमाण पत्रों के नाम पर खुलेआम अधिक राशि वसूली जा रही है। अधिकारी कर्मचारियों को मालूम है कि एनआईसी प्रभारी धर्म पत्नी के नाम पर सेंट्रर लेकर चलाया जा रहा है।इस गोरखधंधे के बारे में अधिकारीयों और कर्मचारियों को जानकारी भी है लेकिनकोई कार्यवाही नहीं होती है।
आरोप है कि अवैध गतिविधि के खिलाफ हितग्राही शिकायत करने की कोशिश भी करता है या मुंह खोलता है तो उसे एनआईसी शाखा प्रभारी कलेक्टर के विश्वसनीय बताकर अधिकारी कार्रवाई करने से बचते हैं और इनके कर्मचारी द्वारा शिकायतकर्ता को भगा दिया जाता है।
₹300 अधिक लेकर बनाया जाति प्रमाण पत्र उपभोक्ता परेशान
लोक सेवा गारंटी में प्रमाण पत्रों को लेकर हितग्राही से प्रबंधन द्वारा जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रमाण पत्रों के नाम पर ₹300 अधिक रूपए लेकर बनाए जा रहे हैं जिसमें गरीब तबके के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महीनों लोगों को लोक सेवा केंद्र के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
मिली जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट कार्यालय में लोक सेवा ग्यारंटी द्वारा जाति प्रमाण पत्र मात्र ₹30 शासन की नियम अनुसार बनाया जाता है परंतु प्रबंधन द्वारा अपनी मनमानी के चलते ₹300 अधिक राशि वसूल कर तत्काल बना दिया जाता है। सेंटर को पूर्व में भी कलेक्टर द्वारा जुर्माने से दंडित किया जा चुका है।
सेंटर संचालक द्वारा शासन की योजना को लगाया जा रहा है पलीता
लोक सेवा केंद्र के ठेकेदार पर पूर्व में भी कलेक्टर श्रीकांत बनोठ और कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव द्वारा भी बेहतर सेवा नहीं देने और लापरवाही करने पर जुर्माने से दंडित किया गया था, उसके उपरांत भी ठेका संचालित किया जा रहा है। शासन की लोक सेवा गारंटी सेवा संचालक द्वारा नेट सिस्टम सर्वर डाउन बताकर सही ग्राहकों को जानकारी नहीं दे कर समय लगेगा बोल कर हितग्राहियों से फॉर्म जमा करा कर मोटी रकम वसूल कर अपनी जेब गर्म कर रहे हैं। शहर ग्रामीण क्षेत्र की जनता को गुमराह करके शासन की योजना को पलीता लगाया जा रहा है। जिसकी पूर्व में भी कई बार शिकायत होने के बाद भी आज तक कार्यवाही नहीं हुई है, जिसके चलते सेंटर संचालक के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। ग्राहक सेवा केंद्र पर उपभोक्ता चक्कर लगाकर परेशान हो रहे हैं।हितग्राहियों ने NIT सांवाददाता को बताया कि मेरे से जाति प्रमाण पत्र बनाने के ₹30 की रसीद काटने के बाद ₹300 अधिक के लिए और 1 घंटे बाद बनारकर दे दिया।
दस्तावेजों में मुख्य रुप से 1984 का प्रमाण पत्र देना होता है। दस्तावेज की सही या गलत की जांच एक माह में की जाती है उसके बाद भी 1 घंटे में प्रमाण पत्र जारी कर देना, यह कौन सा नियम लागू हो गया है? ऐसी स्थिति में एसडीएम, पटवारी आर आई का जाति प्रमाण पत्र में कोई महत्व नहीं होता है क्या? यहाँ प्रकार की मनमानी की जा रही है। समय आने पर कलेक्टर को उसकी शिकायत भी प्रमाण सहित जांच के लिए दी जाएगी, ना जाने कब से इस तरह का काम किया जा रहा है? लंबे समय से अधिकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से एक ही व्यक्ति द्वारा सेंटर चलाया जा रहा है।
हमारे यहां जाति प्रमाण पत्र 340 दिन में बनाए जाते हैं: मैनेजर महेश पंचारिया लोक सेवा ग्यारंटी हरदा
आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है, मामले की जांच कर कार्यवाही की जाएगी: SDM जयप्रकाश सैयाम हरदा
