नगर पालिका कार्यालय के सामने 80 वर्ष की वृद्ध महिला को नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास योजना। दुःखी महिला ने कहा: जब हम मरन लग है तब कुटीर बन है | New India Times

राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

https://www.newindiatimes.net/wp-content/uploads/2024/07/VID-20240731-WA0193.mp4
New India Times

देवरी नगर पालिका कार्यालय के सामने 80 वर्ष की एक वृद्ध आदिवासी महिला पिछले 40 सालों से झुग्गी झोपड़ी में गुजर बसर कर रही है। जिसे सरकार द्वारा वर्ष 2003 में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत 340 वर्ग मीटर  का पट्टा भी दिया गया है, लेकिन नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, कुटीर स्वीकृत ना होने से दुःखी वृद्ध आदिवासी महिला राधा रानी उर्फ प्यारी बाई ने बताया कि तीन बार नगर पालिका में आवेदन कर चुके हैं लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री आवास कुटीर नहीं मिली है। नगर पालिका सुन नहीं रहे हैं। अधिकारी कर्मचारी कहते हैं कि बनवा देंगे, कब बनवा देंगे, जब हम मरन लग  है।

नगर पालिका कार्यालय के सामने 80 वर्ष की वृद्ध महिला को नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास योजना। दुःखी महिला ने कहा: जब हम मरन लग है तब कुटीर बन है | New India Times

80 वर्ष की वृद्ध महिला प्रधानमंत्री आवास की कुटीर ना मिलने से झुग्गी झोपड़ी में अपने परिवार के साथ जीवन गुजर रही है, वृद्ध महिला राधा रानी उर्फ प्यारी बाई ने बताया कि जब नगर पालिका का कार्यालय नहीं बना था तब से वह इस सरकारी भूमि पर झोपड़ी बनाकर रह रही हूं। जिसका 2003 में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत भूखंड क्रमांक सीट 9 में  116 में 20 बाय 17 यानी 340 वर्ग मीटर भूमि का पट्टा भी दिया गया। लेकिन उनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास स्वीकृत नहीं किया गया। उनकी झोपड़ी के पास नगर पालिका ने कुछ साल पहले पीने के पानी की टंकी का निर्माण कर दिया है। इसके अलावा नगर पालिका द्वारा पीने के पानी के लिए नल कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है और ना ही शौचालय स्वीकृत किया गया है।

पूरा मामला नगर पालिका अध्यक्ष नेहा जैन के महाकाली वार्ड से जुड़ा हुआ है। लेकिन उन्होंने भी इस वृद्ध महिला की कोई खैर खबर नहीं ली जिससे वह दुखी हैं। वृद्ध महिला प्रधानमंत्री का मोबाइल नंबर मांगती रहती है लेकिन कोई भी नंबर उपलब्ध नहीं करता है । महिला ने रोते हुए बताया कि वह बहुत दिनों से परेशान है। नगर में बड़े-बड़े लोगों के लिए कुटीरें बन गई है लेकिन गरीबों के लिए कुटीर, शौचालय और पानी भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

इस संबंध में वार्ड प्रभारी संतोष सोनी ने बताया कि उन्हें वार्ड का प्रभार मिले डेढ़ साल ही हुआ है। पहले  जो वार्ड प्रभारी थे ,उनको वृद्ध महिला की कुटीर स्वीकृत करना थी। महिला की फाइलें नगर पालिका में रखी हैं ,लेकिन टंकी के पास होने के कारण आवास स्वीकृत नहीं हुआ है। जहां  अब.पार्क बनना है, प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रभारी एवं उपयंत्री श्रीमती मोहिनी साहू का कहना है कि मार्च 2022 में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए थे ,उसके बाद कोई भी आवास स्वीकृत नहीं हुआ है महिला का नाम सर्वे में है या नहीं यह जानकारी वार्ड प्रभारी ही बता पायेगा।

इनका कहना है-
मेरे संज्ञान में वृद्ध महिला के आवास का मामला नहीं है। प्रधानमंत्री आवास क्यों स्वीकृत नहीं हुई है। यदि टंकी के क्षेत्र में पार्क निर्माण का प्रस्ताव है तो वह परिषद की बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। महिला की झुग्गी झोपड़ी पार्क के क्षेत्र में आती है या नहीं यह जांच के बाद पता चलेगा।
-गजेंद्र नागपुरे, सीएमओ नगरपालिका परिषद देवरी।

जांच हुई तो चौंकाने वाले मामले हो सकते हैं उजागर:-

नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना में सैकड़ो की संख्या में पात्र हितग्राही लाभ से वंचित हैं जिसमें नगर पालिका द्वारा किए गए पात्रता सर्वे में लापरवाही सामने आ रही है। वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में अपात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया गया है। जिसमें दर्जनों लोग ऐसे हैं जो शासकीय कर्मचारी हैं और उनको प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिया गया है। यदि सूक्ष्मता से सभी कुटीर की जांच की जाए तो कई चौंकाने वाले मामले सामने आ सकते हैं।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version