कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
सरकारी वन ज़मीन पर अनेक लोग अतिक्रमण कर रहे हैं जिससे वन विभाग की ज़मीन निजी हाथों में चली जा रही है और वन क्षेत्र कम होता जा रहा है। मोताला तहसील में वन ज़मीन पर अतिक्रमण कर अनाधिकृत रूप से बोर कर रहे 8 लोगों परनवन विभाग ने अपराध दर्ज करते हुए बोरिंग मशीन जप्त कर ली गई है।
बुलढाणा ज़िले की मोताला वन परिक्षेत्र अंतर्गत के ग्राम तरोडा से सटे आरक्षित वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 487 में अतिक्रमित वन ज़मीन में 10 नवंबर की रात में बोरिंग मशीन द्वारा बोर किये जाने की गुप्त जानकारी वन विभाग को मिलने के बाद डीएफओ बी.टी.भगत, एसीएफ शिवाजी गिरी के मार्गदर्शन में आरएफ आर.डी. कोंडावार, वनपाल संजय राठोड, वनरक्षक जी.ए. मंजुलकर, यशवंत देशमुख, मिसालकर तथा चालक वैभव फुंड घटना स्थल की तरफ रवाना हुए जिसकी भनक लगते ही बोरिंग मशीन का चालक वाहन ले कर भाग गया। वन कर्मियों ने अनाधिकृत रूप से किये गए इस बोर को बंद कर दिया जिसके लिए उन्हें लोगों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। इस मामले में अनाधिकृत रूप से वन ज़मीन पर बोर करने में शामिल उमेश जगन तोरे, जमना जगन तोरे दोनों निवासी तरोडा, अशोक दौलतराव साखरे निवासी बुलढाणा, बोरिंग मशीन चालक व मजदुर मलेश बोंबु, सुरेश सोमनाथ नेताम, रसुराम गागरराम सोरी, मुरलीलाल बुछाया बंगारू तथा हेमलाल सानव मरलाम सभी निवासी नलगोंडा (आंध्रा प्रदेश) के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (1) ड,ह,ग के तहत अपराध दर्ज करते हुए वन कर्मियों ने 11 नवंबर को करीब 16 लाख रुपए की बोरिंग मशीन क्र. AP-29 BH- 6489 को जप्त कर बुलढाणा वन डिपो में लगा दिया है। मामले की अधिक जांच आरएफओ कोंडावार व वनपाल राठोड कर रहे हैं।
