विज्ञत दिनों विभागों की समीक्षा बैठक मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विभागों में हुए भृष्टाचार के लिए अधिकारियों के साथ साथ विभागीय मंत्री भी जिम्मेदार होंगे। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी प्रदेश संयोजक श्री आलोक अग्रवाल ने मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर सहारा दस्तावेजों के सम्बन्ध में करवाई की मांग की है।
आम आदमी पार्टी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अग्रवाल ने पत्र में लिखा है कि वह मुख्यमंत्री का ध्यान एक अत्यन्त गंभीर विषय की ओर दिलाना चाहते हैं, जिसमें वह और उनके अधीन आने वाले अधिकारी लिप्त हैं।
22 नवम्बर 2014 को इनकम टैक्स विभाग को सहारा समूह के कार्यालय पर छापा मारने के दौरान कुछ दस्तावेज प्राप्त हुए थे। इन दस्तावेजों में 29 सितम्बर 2013 की एक एंट्री है, जिसमें तत्कालीन “सी एम् एम् पी” को श्री नीरज वशिष्ठ के माध्यम से 5 करोड़ रु नगद दिया जाना दिखाया गया है। एक अन्य एंट्री में पुनः 1 अक्टूबर 2013 को तत्कालीन “सी एम् एम् पी” को श्री नीरज वशिष्ठ के माध्यम से 5 करोड़ रु नगद दिया जाना दिखाया गया है। इस प्रकार कुल 10 करोड़ रु की नगद राशि दी गयी दिखाई गयी है जो किसी जायसवाल जी द्वारा नीरज वशिष्ठ के माध्यम से ‘सी एम एम पी’ को भोपाल में दिए गए थे।
2013 में आप स्वयं मुख्य मंत्री थे और नीरज वशिष्ठ आपके चीफ मिनिस्टर हाउस मे उप सचिव है जो सीधे आपके आधीन आता है। आपके द्वारा बनाई भृष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ के चलते आशा करता हूँ कि इस विषय पर आप तत्काल इनकम टैक्स विभाग को यह जाँच पूरी करने का आग्रह करेंगे ताकि दोषियों को सजा दी जा सके।”

