अशफाक कायमखानी, जयपुर, NIT;
वक्फ नियमों के तहत अन्य सदस्यों के अलावा सांसद सदस्यों में से भी एक सदस्य मुकम्मल बोर्ड के लिये चुना जाना अनिवार्य होने के कारण मौजूदा बोर्ड मे अश्क अली टांक के एक मात्र तत्तकालीन राज्य सभा सदस्य होने के कारण वो बोर्ड सदस्य चुने गये थे। लेकिन उनके राज्य सभा सदस्य कार्यकाल पुरा होने के साथ ही उनकी बोर्ड सदस्यता नियमों के तहत कार्यकाल के साथ ही खत्म होने के कारण अब फिर से एक सदस्य के चुनाव होने हैं, जिसमें वर्तमान किसी मुस्लिम के राजस्थान से सांसद ना होने पर अब पुर्व सांसदो मे से एक सदस्य का चुनाव होना है। पुर्व सांसदों मे नजमा हेपतुल्लाह, एतैमादुद्दीन खान उर्फ दुरु मियां व अश्क अली टांक हय्यात होने से इनमें से किसी एक का चुना जाना सम्भव होने पर अश्क अली टांक ने आज अपनी नामजदगी के लिये निर्वाचन अधीकारी जिला कलेक्टर जयपुर के यहां पर्चा दाखिल कर दिया है। जिस उम्मीदवारी का समर्थन दुर्रु मिया ने किया बताते है।
उक्त बोर्ड सदस्य के चुनाव अगामी 23- नवम्बर को होना तय है। जिसमें नजमा हेपतुल्लाह का राज्यपाल होने के चलते व भाजपा के पास एक मात्र मत के मुकाबले कांग्रेस के पास दो मत होने के कारण टांक के सदस्य चुनने की केवल औपचारिक घोषणा होना शेष माना जा रहा है। अगर राजस्थान से सांसद बनने वालों के इतिहास पर नजर डालें तो पाते हैं, कि अब तक लोकसभा सांसद केवल मात्र केप्टेन अय्यूब खां ही बन पाये थे। इसके विपरित बरकतुल्लाह खान, मौलाना असरारुल हक, उसमान मोहम्मद खा बीकानेर, डा.अबरार अहमद, दुर्रु मिया, नजमा हेपतुल्लाह व अश्क अली टांक राज्य सभा सांसद बन पाये हैं। जिनमें नजमा, दुर्रु मियां व टांक के अलावा सभी दुनीया छोड़ चुके है। नजमा के अलावा सभी सदस्य कांग्रेस की तरफ से बने थे।
