अशफ़ाक़ क़ायमखानी, सीकर/जयपुर (राजस्थान), NIT:

तत्तकालीन मोदी सरकार द्वारा तीन कृषि कानून लाने के खिलाफ देश भर के किसानों ने करीब तेरह महिने आंदोलन चलाने के समर उन्हें दिल्ली में नहीं आने के लिये उन्हें दिल्ली- हरियाणा व सीमाओं पर रोकने के लिये सरकारी स्तर पर काफी जतन हुये। किसान भी सीमाओं पर डटे रहे। पर आज उन्हीं किसानों के नेता कामरेड अमरा राम सीकर से सांसद चुने जाने के बाद संसद सत्र के पहले दिन स्वयं ट्रेक्टर पर सवार होकर संसद पहुंचे। अमरा राम के ट्रेक्टर से संसद पहुंचने की घटना ने फिर से किसान आंदोलन को याद दिला दिया है।
किसान नेता सांसद कामरेड अमरा राम ने ट्रैक्टर पर संसद जाने पर कहा कि तेरह महिने तक केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के दिल्ली नहीं आने दिया। आज किसान संसद पहुंच रहा है। राजस्थान के सीकर जिले के कामरेड अमरा राम सांसद बनने से पहले चार दफा विधायक रहे हैं। अमरा राम ने तीन कृषि कानून के खिलाफ चले आंदोलन के अलावा राजस्थान में अनेक छोटे बडे आंदोलनों का नेतृत्व करते हुये सरकार व प्रशासन को झुकाया है। अमरा राम को राजस्थान में बड़े किसान नेता के तौर पर जाना जाता है। साधारण परिवार में जन्में व साधारण रुप से रहकर किसान-गरीब-मजदूर-दलित व मुस्लिम सहित हर मजलूम व पीड़ित के पक्ष में हमेशा खड़े मिलते हैं।
