संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

आजमगढ़ के मोहब्बतपुर गांव में चल रही फिल्म “बंधन सात फेरों का ” कहानी में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में दो भाइयों का प्यार और संस्कार,संपूर्ण मानवता की याद दिलाता है, फिल्म के शानदार निर्देशक सूरज गिरी के संघर्षों से उपजा आत्मबल हनुमान है तो वही फिल्म इंडस्ट्री के दिक्कज डी.ओ.पी. सिनेमैटोग्राफर, आजमगढ़ के लाल प्रमोद पांडेय की सूझबूझ से ऐतिहासिक पारिवारिक एवं सामाजिक फिल्म को एक नई दिशा देने का काम करेगी। फिल्म के प्रस्तुतकर्ता अभय प्रताप सिंह और निर्माता गिरिजा सिंह, प्रशांत सिंह ने बहुत ही जबरदस्त फिल्म के कहानी का चुनाव किये है।
फिल्म अभिनेता अरविंद चित्रांश ने कहा कि आजमगढ़ के युवराज, “बंधन सात फेरों का” फिल्म के हीरो राजू सिंह माही एक अनुभवी और तेवर वाले, मुंबई के सुपरस्टार और फिल्म की हीरोइन आस्था सिंह की जोड़ी, राम के आदर्शों, सीता के त्याग और दो भाइयों के मिलन की मार्मिक कहानी है, शानदार और विचारवान फिल्म के निर्देशक सूरज गिरी और जाने माने डी.ओ.पी. सिनेमैटोग्राफर प्रमोद पांडेय जैसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों और “बंधन सात फेरों का” जैसी पारिवारिक, सामाजिक और संस्कारी फिल्म के संपर्क में रहकर, हर सामान्य एक्टर भी गौरव प्राप्त करता है, जैसे कि फूलों के बंधन में रहकर धागा भी ईश्वर के मस्तक पर स्थान प्राप्त करता है। फिल्म के डायरेक्टर सूरज गिरी, कैमरामैन प्रमोद पांडेय,डांस मास्टर प्रसून यादव और चिफ एसोसिएट समीर के साथ,फिल्म के मुख्य पात्र हीरो राजू सिंह माही और अरविंद श्रीवास्तव ‘चित्रांश’, पिता के रोल में अशोक गुप्ता, माता का रोल में सोनी पटेल, पत्नी के रोल में अंतिमा सिंह आदि हैं।
