सातवीं बार मैदान में होंगे गिरीश महाजन, जनता के बूते जिंदा विपक्ष को किसी चमत्कार की आशा, बाहरी प्रत्याशी पर भरोसा कर सकते हैं शरद पवार ? | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

सातवीं बार मैदान में होंगे गिरीश महाजन, जनता के बूते जिंदा विपक्ष को किसी चमत्कार की आशा, बाहरी प्रत्याशी पर भरोसा कर सकते हैं शरद पवार ? | New India Times

सितंबर-अक्टूबर मे महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा और जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा के लिए आम चुनाव होने वाले है। महाराष्ट्र से इंडिया गठबंधन को 48 मे से 31 सीटे मिली है MVA का हौसला बुलंद है सूबे में बदलाव की हवा भी काफ़ी तेज़ है। लेकिन इस मौसम का मिजाज़ जामनेर में आकर बिगड़ जाता है। जामनेर सीट से गिरीश महाजन सातवीं बार भाजपा के टिकट पर मैदान में होंगे। बीते तीस साल से महाजन के विरोध में लड़ने के नाम पर अपने आप से लड़कर विपक्ष इतना लचर हो चुका है कि उसके पास चुनाव लड़ने तक के लिए कोई तगड़ा प्रत्याशी नहीं है।

सातवीं बार मैदान में होंगे गिरीश महाजन, जनता के बूते जिंदा विपक्ष को किसी चमत्कार की आशा, बाहरी प्रत्याशी पर भरोसा कर सकते हैं शरद पवार ? | New India Times

1995, 1999 ये भाजपा बनाम ईश्वरलाल जैन वाला असली संघर्ष का दौर था, 2009 के चुनाव में संजय गरुड़ द्वारा महाजन को दी गई कड़ी टक्कर के बाद आम कार्यकर्ताओं की नेता बनने की महत्वकांक्षा ने अपने हि नेताओं को भाजपा के पाले में जाने के लिए मजबूर कर दिया। आज विपक्ष के पास कोई ऐसा लोकल नेता नहीं जो गिरीश महाजन के रसूख और दबदबे को चुनौती दे सके। महाविकास आघाड़ी में शामिल शिवसेना कांग्रेस NCP इन तीनों दलों के पदाधिकारीयों को ऐसा लगता है कि बिना कोई मेहनत किए भाजपा विरोधी पारंपरिक वोटर का 65/70 हजार वोट ले लें और तालुके का नेता बन जाए।

अगर इस सीट पर विपक्ष को अपना वोट मार्जिन बढ़ाना है तो किसी अल्पसंख्यक पिछड़े-जाति समुदाय के निडर तथा लोकप्रिय उम्मीदवार को मौका देना होगा। शरद पवार चाहे तो किसी बाहरी प्रत्याशी को इस सीट से चुनाव लड़वाने का प्रयोग कर सकते हैं। भुसावल के पूर्व विधायक संतोष चौधरी, बोदवड से रविंद्र भैय्या पाटील, रावेर के श्रीराम दयाराम पाटील, शरद पवार के पोते रोहित पवार, मुक्ताई नगर रोहिणी खडसे इन में से कोई एक चेहरा हो सकता है जो जामनेर सीट से महाजन के खिलाफ़ चुनाव मैदान में उतरे।

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