रहीम शरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:
हज़रत इब्राहिम अलै. और हज़रत इस्माइल अलै. की याद में कुर्बानी का त्यौहार ईद-उल-अज़ा जिसे बकरीद के नाम से भी जाना जाता है देशभर में हर्षोल्लास, परंपरागत और अकीदत के साथ मनाया गया।
मेघनगर ईदगाह में ईद-उल-अज़हा की नमाज़ सुबह 7:30 बजे पढ़ाई गई। नमाज़ अदा करने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।
मेघनगर ईदगाह पर मरकज मस्जिद के मौलाना जनाब रुहुल अमीन साहब ने अपनी तकरीर में हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी का जिक्र कर बात कही की। हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम को 90 साल की उम्र में औलाद मिली जिन्हें इस्माइल जबीउल्लाह कहा जाता है। अपने वालिद (पापा) का प्यार अपनी औलाद पर जब कुछ ज्यादा उमडा तो अल्लाह ने इब्राहिम अलैहिस्सलाम का इम्तिहान लेना चाह और लिया भी, अल्लाह के इम्तिहान लेने पर इब्राहिम अलैहिस्सलाम कामयाब हुए और इस्माइल अलैहिस्सलाम को जीब्हा करने की जगह जन्नत से दुम्बा जीब्हा करने का मुजदा मिला, अब कयामत तक जानवर की कुर्बानी पर हमें भी अपने फर्जंद को जीब्हा करने का सवाब मिलेगा।

ईद की नमाज़ के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ और कुर्बानी की गई। कुर्बानी का यह सिलसिला लगातार 3 दिनों तक जारी रहेगा।
हर साहिबे-निसाब के ऊपर कुर्बानी करना वाजिब है।
ईद की खुशी में ईद की नमाज के बाद कुर्बानी के इंतजार में खुशी मनाते हुए लोग देखे गए। नमाज अदा करने के बाद कब्रस्तान जाकर अपने मरहूमों को इशाले सवाब पहुंचाया।
इस मौके पर जनाब हाजी इरफान शेरानी, हाफिज रिजवान सहाब, हाफिज सलमान दुर्वेश सहाब, हाफिज मोसीन पटेल सहाब, मौलाना जुनेद सहाब, मौलाना ताहीर दुर्वेश साहब, पत्रकार रहीम शेरानी, जियाउलहक कादरी डॉ अयूब शिशगर, फारुक शेरानी, जाकिर शेख, फाईन टेलर अयूब भाई, बिलाल दुर्वेश, मेहमूद भाई शिशगर, राजू कादरी, अबरार खान, इम्तियाज शेरानी, शौएब शेरानी, सलमान शेरानी, वसीम शेरानी, शाहरुख शेरानी, अशफाक
शेरानी, इरफान शेरानी, मेहबुब, युसुफ भाई शेरानी, आदि समाज जनों ने मुल्क में अमन चेन सुकून शांति कायम रहे इसके लिए दुआ मांगी गई।
