मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

विभिन्न विधाओं और क्षेत्र में प्रसिद्धि पा चुके नगर के विभिन्न समाज और वर्ग के समाजसेवियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें सम्मानित करने और उनका हौसला बढ़ाने की परंपरा मुमताज़ महल फेस्टिवल के आयोजक गण में संस्थापक एवं नगर निगम बुरहानपुर के स्वच्छता अभियान के पूर्व ब्रांड एंबेसडर शहज़ादा मोहम्मद आसिफ़ ख़ान गौरी, संयोजक डा वासिफ़ यार और अग्रणी महिला समाज सेविका एवं आसिफ़ प्रोडक्शन इंडिया की चेयरपर्सन श्रीमती रफ़त आसिफ़ ख़ान की रही है।
इस वर्ष भी होटल अंबर में आयोजित 55 वें मुमताज़ महल फेस्टिवल के एक दिवसीय आयोजन के प्रथम सत्र में बुरहानपुर महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, पूर्व महापौर अतुल पटेल, मुमताज़ महल फेस्टिवल के संस्थापक शहज़ादा मोहम्मद आसिफ़ ख़ान गौरी, कार्यक्रम के संयोजक एवं अंतर्राष्ट्रीय खेती प्राप्त शायर लेखक डॉक्टर वासिफ़ यार एवं आसिफ़ प्रोडक्शन इंडिया की चेयरपर्सन श्रीमती रफ़त आसिफ़ ख़ान, मंच आसीन अतिथियों में पूर्व डीएसपी एवं सिटी कोतवाली बुरहानपुर के टी आई हनुमत सिंह, डॉ जाकिर हुसैन कॉलेज बुरहानपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर वीरेंद्र निर्झर, सेवा सदन महाविद्यालय बुरहानपुर के उर्दू विभाग अध्यक्ष एवं उर्दू रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डॉक्टर एसएम शकील, अफसाना निगार शायर डॉक्टर आरिफ़ अंसारी सहित फिल्मी हस्तियों में वेब सीरीज डायरेक्टर श्रीमती साहिबा शर्मा एवं मॉडल फ़रहान आसिफ़ ख़ान की मौजूदगी में सर्वश्री श्रीमती इशरत शकील सिद्दीकी मदनी, श्रीमती प्रेमलता सांखले, श्रीमती अंजू काटरवार, श्रीमती मीना सुरेंद्र सिंह चौहान, श्रीमती मनोरमा हीरालाल शर्मा, श्रीमती इंद्रजीत सिंह बिंद्रा(बिंद्रा भाभी) श्रीमती रजनी गट्टानी, श्रीमती सरोज ठाकुर, श्रीमती आशिया मंसूरी, श्रीमती मंगला दुबे रिछारिया, श्रीमति सैयदा सुमेरा अली, श्रीमती ज्योति श्रीवास्तव, श्रीमती एकता शिवहरे, श्रीमती तसनीम मोहम्मद मर्चेंट, श्रीमती किरण रायकवाड, महेंद्र जैन, श्रीमती हरप्रीत शैली कीर, मंसूर सेवक, संजय तोरानी नेपानगर, एडवोकेट आसिफ़ उद्दीन जे शेख, रियाज़ुल हक़ अंसारी, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर डॉक्टर जलील बुरहानपुर, पत्रकार एवं समाज सेवक इकबाल अंसारी सहित नगर के लगभग दो दर्जन से अधिक महिला एवं पुरुष समाज सेवियों को शान ए बुरहानपुर अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नगर का बुद्धिजीवी वर्ग, गणमान्य नागरिक गण उपस्थित थे।
