भीषण गर्मी के बीच अपनी जान की परवाह किए बेगैर असलम खान भोपाल की सड़कों पर ठंडे पानी के ज़रिए लोगों की प्यास बुझाने का कर रहे हैं प्रयास | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भीषण गर्मी के बीच अपनी जान की परवाह किए बेगैर असलम खान भोपाल की सड़कों पर ठंडे पानी के ज़रिए लोगों की प्यास बुझाने का कर रहे हैं प्रयास | New India Times

भोपाल के कई इलाके इस भीषण गर्मी में पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर काज़ी कैंप निवासी असलम खान चिलचिलाती धूप में अपने पैसों से पानी खरीद कर भोपाल की सड़कों पर लोगों की प्यास बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। गर्मी में अगर ठंडा पानी पीने को मिल जाए, तो सीधे दिल से दुआ निकलती है। इसी दुआ को लेने के लिए असलम खान चिलचिलाती धूप में लोगों को पानी पिलाने के लिए भोपाल की सड़कों पर निकल पड़ते हैं।

भीषण गर्मी के बीच अपनी जान की परवाह किए बेगैर असलम खान भोपाल की सड़कों पर ठंडे पानी के ज़रिए लोगों की प्यास बुझाने का कर रहे हैं प्रयास | New India Times

बताया जा रहा है कि असलम खान अपने परिवार का पेट पालने के लिए सुबह 5 बजे से लेकर 11 बजे तक मंडी में काम करते हैं। उसके बाद दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक अपने ऑटो में ठंडा पानी रख कर भोपाल के सड़कों पर लोगों की प्यास बुझाने का काम करते हैं। असल खान लोगों को ठंडा पानी पिलाने के लिए माइक के ज़रिए आवाज़ लगाते हैं। ठंडा पानी भर लीजिए, ठंडा पानी पी लीजिए। खास बात यह यह कि असलम खान यह पानी अपने पैसों से खरीद कर लाते हैं।

भीषण गर्मी के बीच अपनी जान की परवाह किए बेगैर असलम खान भोपाल की सड़कों पर ठंडे पानी के ज़रिए लोगों की प्यास बुझाने का कर रहे हैं प्रयास | New India Times

जब इस संबंध में NIT संवाददाता ने असलम खान से बात की तो उनका कहना था कि में यह काम शौकिया और कई सालों से कर रहा हूं। पहले पानी का केन ठेले पर रख कर भरी दोपहर में लोगों को पिलाता था। गर्मी में पानी की एक बोतल खरीदने का मलतब है बीस रूपए। लेकिन मैं निशुल्क ठंडा पानी पिलाता हूं।

सबसे बड़ी बात यह है कि मुझे देखते ही लोगों के चेहरे खिल उठते हैं। गर्मी में किसी को भी दो घूंट ठंडा पानी मिल जाए तो कहने ही क्या होंगे। मैं भी यही करता हूं। गर्मी में लोग पानी पीने के बाद जो दुआ देते हैं, उससे ज्यादा सुख और सुकून देने वाला कुछ नहीं है। इसलिए ही गर्मी में सारे दिन घूमता हूं। मुझे देखकर लोग खुश होते हैं और यह खुशी मुझे अंदर तक तरावट देती है।

By nit

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