सरवर खान ज़रीवाला, भोपाल, NIT; 
पुलिस कर्मचारियों द्वारा जनता के साथ किए जाने वाले व्यवहार को जानने के लिए राज्य गृह मंत्रालय अब डायल-100 बाइक दस्ते के स्टाफ को बॉडी कैमरे देने की तैयारी में है। नए साल में ये कैमरे प्रदेश के सभी जिलों को आवंटित किए जाएंगे। बॉडी कैमरों का आकार बटननुमा होगा। यह शर्ट की जेब या कॉलर पर लगाया जा सकता है, जो देखने में बटन जैसा दिखाई देगा और लोग इसकी पहचान आसानी से नहीं कर पाएंगे।
सूत्रों का कहना है कि बॉडी कैमरे स्टाफ को देने के पीछे दो कारण बताए गए हैं। जनता पुलिस के साथ कैसा व्यवहार करती है व ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी, आम जनता से कैसा व्यवहार करते हैं। इससे स्टाफ के रवैये का जनता से फीडबैक अधिकारी ले सकेंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार एडीजे टेली कम्युनिकेशन ने यह पहल की है। शुरुआती दौर में ये कैमरे डायल-100 बाइक स्टाफ को दिए जाएंगे। जिले में डायल-100 चार पहिया वाहन के बाद मोटर साइकिल आने वाली हैं। इन बाइकों से पुलिस स्टाफ उन तंग गलियों में भी जा सकेगा, जहां डायल-100 वाहन आपराधिक घटना के समय नहीं पहुंच पाते हैं।
इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य भी पुलिस के रिस्पांस टाइम को सुधारना और आम लोगों के दिलों में पुलिस के प्रति विश्वास अर्जित करना है। बॉडी कैमरे में वीडियोग्राफी और रिकार्डिंग दोनों सुविधाएं रहेंगी। इससे घटना स्थल व पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के ब्यौरे की रिकॉर्डिंग थाना प्रभारी से लेकर सक्षम अधिकारी देख सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि बॉडी कैमरे मिलने से स्टाफ के प्रति लोगों की शिकायतें कम आने लगेंगी, क्योंकि स्टाफ को यह जानकारी रहेगी कि ड्रेस पर बॉडी कैमरा लगा है। जनता से वे अच्छा व्यवहार करेंगे। जो लोग घटना स्थल पर कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों से अभ्रद व्यवहार करेंगे, उनकी पहचान करना आसान हो जाएगा। पुलिस कर्मियों को कैमरे से लैस करने का मकसद सिर्फ एक नहीं है। विभाग की मंशा यह है भी है कि पुलिसकर्मी आम लोगों से उचित व्यवहार करें। अगर बॉडी कैमरा होगा, तो पुलिसकर्मी किसी को न तो नाजायज परेशान कर सकेंगे और न ही किसी से अभद्रता कर सकेंगे। इतना ही नहीं वे वारदात होने पर किस समय, किस स्थान पर पहुंचे, इसकी भी जानकारी दर्ज होगी। बताया जाता है कि डॉयल-100 की तर्ज पर बॉडी कैमरों का मुख्यालय भी भोपाल होगा और वहीं से पुलिसकर्मियों के व्यवहार की निगरानी होगी।
