अवैध रूप से चल रहे हैं कई अस्पताल, फिर हुई एक प्रसूता की मौत, अस्पताल में ताला डालकर मौके से भागे संचालक | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

अवैध रूप से चल रहे हैं कई अस्पताल, फिर हुई एक प्रसूता की मौत, अस्पताल में ताला डालकर मौके से भागे संचालक | New India Times

इस समय गोला गोकर्णनाथ में बने अवैध अस्पताल की खबरों से गोला नगर भी सुर्खियों में छाया हुआ है। गोला के विकास चौराहा स्थित मित्रा हॉस्पिटल ने एक महिला की जान ले ली। बिना रजिस्ट्रेशन और डाक्टर के प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना हो रहे लगातार ऑपरेशन से मौत का सिलसिला जारी है। फिर ऐसा ही एक महिला के साथ हुआ। गोला नगर के विकास चौराहा स्थित मित्रा हॉस्पिटल जो कि गोला के विकास चौराहे पर बना हुआ है। वहां के एक कर्मचारी ने महिला के परिजनों को नॉर्मल डिलीवरी बताकर बहला फुसलाकर उसको अपने हॉस्पिटल में भर्ती कर उसका ऑपरेशन कर डाला। परिजनों ने अस्पताल के डॉ.पर आरोप लगाया है कि अस्पताल के डॉ.ने नार्मल डिलेवरी बताकर उसका ऑपरेशन कर दिया जिससे उसकी कुछ समय बाद मौत हो गई। जब कि दो तीन दिन पहले ही गोला के ग्लोबल हॉस्पिटल में एक महिला की मौत हो चुकी थी। जिस पर स्वास्थ विभाग के अधिकारियों ने हंगामा होते देख ग्लोबल हॉस्पिटल को सीज कर दिया है। पर न जाने इस तरह के कितने बिना राजिस्ट्रेशन और बिना डिग्री होल्डर डॉ.के इस तरह के अवैध हॉस्पिटल शहर भर में संचालित किए हुए है।जिन पर स्वास्थ्य विभाग की नजर नहीं जा रही है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उस महिला के घर वालों ने बताया कि हम लोग गोला के सरकारी अस्पताल में इलाज कराने ले गए थे लेकिन सरकारी अस्पताल में दिखाने के बाद डॉ. ने वहां से लखीमपुर के लिए रेफर कर दिया। हम सभी परिवार के सदस्य अपनी पत्नी को लखीमपुर लिए जा रहे थे। तभी अस्पताल के पास कुछ लोगो ने कहा हमारे अस्पताल ले चलो हम आपकी पत्नी की नार्मल डिलिवरी करा देंगे। घर वालों का आरोप है कि वह हम लोगों को गुमराह करके अपने अस्पताल ले गए और वहां उसका ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद बच्चा तो सही मिला। लेकिन बच्चे की मां की हालत नाजुक होती जा रही थी। जिसके बावजूद भी वहां के डॉ. ने हम लोगों को जाने नहीं दिया और न ही पत्नी को रेफर किया और लगातार हम लोगों से  पैसा ऐंठते रहे। परिजनों ने बताया कि सुबह वहां से लोगो ने अपनी ही एंबुलेंस से लखीमपुर के लिए रेफर करने के लिए एंबुलेंस में अपने हॉस्पिटल के कुछ स्टाफ के लोग भेज दिए और लखीमपुर से वह लोग एक दूसरी एंबुलेंस करके वहां से चले गए। इधर गोला में उस मरीज की जानकारी मिलते ही व्हा का सारा स्टॉफ और हॉस्पिटल संचालक अपना हॉस्पिटल बंद कर दिया और वहां से भाग निकले। उधर जब मरीज़ की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो डॉ. ने कहा कि अब इनको लखनऊ ले जाओ। परिजनों ने जैसे तैसे करके अपने मरीज को लखनऊ ले जा रहे थे। तभी ले जाते समय रास्ते में उस महिला ही की मौत हो गई। देखना अब फिर है की अब इस अस्पताल पर भी कार्यवाही होगी कि नहीं या कुछ सेटिंग गेटिंग करके यूं ही इसे छोड़ देंगे।

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