पति पत्नी के पारिवारिक मसलों को आपसी समझौतों के माध्यम से सुलझाने में लोक अदालत एक सशक्त माध्यम | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

पति पत्नी के पारिवारिक मसलों को आपसी समझौतों के माध्यम से सुलझाने में लोक अदालत एक सशक्त माध्यम | New India Times

9 मार्च 2024 शनिवार प्रातः 10:30 से लेकर शाम तक इस वर्ष की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय परिसर बुरहानपुर में किया गया है। कुटुंब न्यायालय बुरहानपुर के प्रधान न्यायाधीश जनाब शेख सलीम ने पक्षकारों से निवेदन किया है कि आप इस लोक अदालत में भरन पोषण बाबत धारा 125 एवं 127 द.प्र स, वैवाहिक संबंधों की पुनर्स्थापना, धारा 125 (3) द. प्र. स भरन पोषण राशी की वसूली तथा अन्य राज़ी नामा योग्य प्रकरणों का निराकरण राज़ी नामा के आधार पर कराए जाते है। श्री शेख सलीम ने कहा की लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है जिसकी कोई अपील नहीं होती है। इसीलिए पति पत्नी के पारिवारिक मसलों को आपसी समझौतों के माध्यम से सुलझाने का लोक अदालत एक सशक्त माध्यम है।

जिला कुटुंब न्यायालय बुरहानपुर के परामर्शदाता महेंद्र जैन ने कहा कि पक्षकारों से निवेदन किया कि लोक अदालत में पक्षकार गण आपसी समझौते के माध्यम से अपने अपने प्रकरणों का निराकरण करवाएं। समय की बचत करें। आर्थिक परेशानियों से छुटकारा पाएं। सुमधुर सम्बन्ध बनाएं एवं परिवार एवं कुटुंब में खुशहाली लाएं, यही मक़सद कुटुंब न्यायालय का है।

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