साबिर खान, मुंबई, NIT;
सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद देश में रिश्वतखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। विभिन्न सरकारी विभागों में रिश्वत दिए बिना कोई काम नहीं हो रहा है। अभी कुछ दिनों पहले ही मध्य प्रदेश में एक जेलर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ था, जबकि देश में नोटबंदी चल रही थी। एक ताजा मामला महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई-विरार शहर में सामने आया है। यहाँ वसई-विरार मनपा प्रभाग क्रमांक ” एफ” पेल्हार/धानिव में टैक्स डिपार्टमेंट के प्रभारी को पालघर एंटी करप्शन ब्यूरो ने 19000/- रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
डिप्टी एसपी एंटी करप्शन ब्यूरो पालघर अजय आफले से मिली जानकारी के अनुसार वसई-विरार शहर के रहने वाले एक व्यक्ति ने पालघर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई कि वसई-विरार मनपा प्रभाग क्रमांक ” एफ ” पेल्हार के कर प्रभारी घरपट्टी लगाने के लिए 20 हज़ार रुपये रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलने पर आज पुलिस उप अधीक्षक एंटी करप्शन ब्यूरो पालघर ने अपनी टीम के साथ जाल बिछाई और शिकायतकर्ता को 19 हज़ार रुपये की राशि देने के लिए भेजा। जैसे ही अधिकारी ने रिश्वत की राशि ली कि भ्रष्टाचार विरोधी टीम ने उसे दबोच कर उसके पास से 19 हज़ार रुपये की राशि बरामद कर ली। एंटी करप्शन टीम ने टैक्स अधिकारी प्रदीप परशुराम पाटिल (54) और बिचौलिये महेश दिनकर पाटिल (26) को गिरफ्तार कर लिया है। वालीव पुलिस स्टेशन में मामले की जांच चल रही है।
