कासिम खलील, बुलढाणा(बुलढाणा), NIT;
“सरकार मस्त और जनता त्रस्त” कुछ ऐसी ही स्थिति देश और राज्य में बनी हुई है। जनता का आक्रोश सरकार द्वारा दबाया जा रहा है। सरकार की गलत नीतियों को सरकार के ध्यान में लाने के लिए और जनता की आवाज़ बहरी सरकार तक पहुंचाने के लिए आज 24 अक्तुबर को बुलढाणा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की जनता का भव्य आक्रोश मोर्चा शिवसेना के पूर्व विधायक विजयराज शिंदे के नेतृत्व में निकाला गया जो जिलाधीश कार्यालय पर पहुंचने के बाद अपनी मांगों का ज्ञापन जिलाधीश चन्द्रकांत पुलकुंडवार को दिया।
इस मोर्चे का आरंभ पूर्व विधायक विजयराज शिंदे के जंसनपर्क कार्यालय शिवालय से दोपहर 12.30 बजे हुआ। मोर्चे में बड़ी संख्या में महिला, बुज़ुर्ग, किसान और युवा वर्ग सहभागी रहा। शहर के मुख्य मार्गों से गुज़रता हुआ मोर्चा जिलाधीश कार्यालय पर पहुंचा जहां पर पहले से ही सुरक्षा की दृष्टी से कड़ा पुलिस बंदोबस्त लगाया गया था। इस मोर्चे को शिवसेना पदाधिकारी सहित विजयराज शिंदे ने संबोधित किया।
ज्ञापन में की गई मांगे:-
- महाराष्ट्र में सरकार ने कड़े नियम लगाते हुए किसानों के क़र्ज़ माफ़ी की घोषणा की है, इन जटिल शर्तों को रद्द करें।
- जीएसटी से आम जनता और व्यापारी वर्ग परेशान है इस लिए जीएसटी रद्द करते हुए पुरानी टैक्स प्रणाली को कायम रखा जाए।
- सोयाबीन को 5 हज़ार और कपास को 6 हज़ार रुपए का ग्यारंटी मूल्य देते हुए तत्काल खरीदी शुरू करें।
- ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोगों को घरकुल का लाभ दे, लोडशेडिंग बंद किया जाए, श्रावण बाल योजना के लाभार्तियों की आयु मर्यादा 65 से 60 साल की जाए।
- निराधार श्रावण बाल ,विधवा, संजयगांधी, विकलांगों का मानदेय बढा कर 2 हज़ार रुपए किया जाए।
- नई सरकारी नौकरी पर लगाईं गई बंदी को हटा कर नई भर्तियां ली जाएं।
- बुकडाना ज़िले के किसानों का सिंचाई का 100 करोड़ का रुका हुआ अनुदान दिया जाए।
- शासकीय मानदेय के लिए शाहिर, लोक कलावंतों की संख्या बढाई जाए।
- बुलढाणा शहर के उठाए गए अतिक्रमण को देखते हुए बेरोज़गार हुए व्यवसायिकों को पर्यायी जगह उपलब्ध की जाए।
इस प्रकार की जनता से जुडी हुई असंख्य मांगों को लेकर इस आक्रोश मोर्चे का आयोजन किया गया, जिसे सफल बनाने के लिए शिवसैनिक सहित नागरिक बड़ी तादाद में शामिल थे।
शिंदे का शक्ति प्रदर्शन हुआ सफल
बुलढाणा लोकसभा से शिवसेना के परताप्राव जाधव सांसद है। सांसद जाधव और आक्रोश मोर्चा के आयोजक पूर्व विधायक विजयराज शिंदे में पिछले कुछ समय से राजकीय मनमुटाव है। ये दोनों नेता पार्टी और जनता में अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं। आज के इस आक्रोश मोर्चे में सांसद जाधव को भी निमंत्रण नही दिया गया और इसके बावजूद भी शिंदे का आज का ये मोर्चा सफल माना जा रहा है। दूसरी तरफ शिवसेना की गुटबाज़ी के कारण शिवसेना के ही कुछ नेता इस मोर्चे को असफल बनाने का प्रयास कर रहे थे जिन्हें मुंखी खानी पड गई।

Ex MLA is a part of Government then such type of AAKROSH indicate personal politics