गुर्दे की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए अच्छी ख़बर, अब डायलिसिस वाले मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा ग्वालियर या झांसी | New India Times

गुलशन परूथी, ब्यूरो चीफ, दतिया (मप्र), NIT:

गुर्दे की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए अच्छी ख़बर, अब डायलिसिस वाले मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा ग्वालियर या झांसी | New India Times

दतिया मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग ने दतिया के थरेट गांव निवासी 56 वर्षीय मरीज़ के डायलिसिस हेतु फिस्टुला बनाया गया। मरीज़ को डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के वजह से दोनों गुर्दे खराब हो गए थे जिसके लिए डायलिसिस होना अत्यंत आवश्यक था, मरीज़ बाहर कहीं भी जाने के हालत में नहीं था, सर्जरी विभाग में डॉक्टर केदार नाथ आर्य और उनकी टीम ने मरीज़ के हाथ में रेडियो सेफेलिक फिस्टूला बनाया, जिसमे आर्टरी को वेन से जोड़ा जाता है, जिससे उसकी डायलिसिस सही से हो सके और मरीज़ को अपनी बीमारी से निजात मिल सके।
इस तरह का दतिया में यह पहला आपरेशन है, पहले इसके लिए मरीज़ को बाहर ग्वालियर जाना पड़ता था लेकिन अब दतिया में ही ये सुविधा उपलब्ध हो गई है।

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