जीएसटी के नाम पर पुलिस कर्मियों ने ठगे 71 लाख रुपए | New India Times

अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ, धुले (महाराष्ट्र), NIT:

जीएसटी के नाम पर पुलिस कर्मियों ने ठगे 71 लाख रुपए | New India Times

माल परिवहन करने वाले ट्रांसपोर्टर और व्यापारियों को सावधान रहने की जरूरत है। पुलिस कर्मियों ने ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए जीएसटी अफसरों का चोला धरण कर लाखों रुपये की वसुली की वारदातें उजागर होने पर पुलिस ने हेडक्वार्टर में तैनात तीन पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया है। इस तरह की जानकारी पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए साझा की है। इस ठगी में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के साथ उसकी सगी बहन ठगी में शामिल थी। गौरतलब है कि इस ठगी में दो पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है, वे महामार्ग पर पुलिस वाहन में बैठकर जीएसटी अधिकारी बनकर धौंश दिखा कर वसूली करते थे। उनको वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का आशिर्वाद प्राप्त था। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच कर संबंधित व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया जाए इस तरह की मांग कुछ पुलिस कर्मियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताई है।

पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धीवरे ने नकली जीएसटी अधिकारी बनकर हाइवे पर ट्रक ड्राइवरों को लूटने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसमें दो पुलिस कर्मी और एक महिला शामिल है। इस मामले में अब तक 71 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच के दौरान रकम और बढ़ सकती हैं। इस फर्जी वाड़े में एक निजी व्यक्ति भी रडार पर है।

क्या है पूरा मामला

धुलिया-मुंबई महामार्ग पर रात के समय बत्ती लगी टाटा सूमो में चार से पाँच व्यक्ति जो कि आरोपों के चलते पुलिस हेडक्वार्टर में तैनात हैं वे सरकारी टाटा सूमो में सवार होकर ट्रक रोक कर जीएसटी बिलो की जांच कर उसमें दोष बता कर ट्रांसपोर्टर और कारोबारियों से जुर्माना के नाम पर वसूली कर रहे थे। ऐसी ही एक शिकायत पटियाला के व्यवसायी कश्मीर सिंह सरदार हजारा सिंह बाजवा ने आजाद नगर में दर्ज कराई थी। पुलिस में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर में बताया कि अज्ञात 3 से 4 अभियुक्तों ने मिलीभगत कर लाल बत्ती लगी टाटा सूमो कार ट्रक पीबी 11 सीजेड 0756) को रोक कर खुद को जीएसटी अधिकारी बताते हुए ट्रक में माल की रसीदों का निरीक्षण किया और बताया कि टैक्स इनवॉइस बिल में फर्म के नाम में गलती है और वादी से उसके मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर 12 लाख 96 हजार रुपये जुर्माने की मांग की। बाद में समझौता के नाम पर वादी ने मोबाइल गूगल पे के माध्यम से व्यापारी से 1 लाख 30 हजार रुपये लेकर धोखाधड़ी की थी।

पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धीवरे ने कहा कि अपराध पुलिस कर्मियों के द्वारा अंजाम देने की आशंका के कारण उप पुलिस अधीक्षक एस. ऋषिकेश रेड्डी तथा पुलिस निरीक्षक बालासाहेब थोरात को अपराध की गहन जांच कर इसे प्रकाश में लाने का निर्देश दिए थे।

पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अपराध का पर्दाफाश कर इस मामले में नासिक से स्वाति रोशन पाटिल के साथ ही दो पुलिसकर्मी बिपिन आनंद पाटिल और इमरान इस्हाक़ शेख को कल रात गिरफ्तार किया है।

एसपी ने कहा कि स्वाति पुलिस कर्मी बिपिन पाटिल की बहन है। इस मामले में वादी और अन्य वाहन चालकों और व्यापारियों से 71 लाख 33 हजार 984 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। वारदात के अन्य आरोपी फरार हैं उनकी तलाश जारी है।

इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धीवरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोर काले, सहायक पुलिस अधीक्षक एस. ऋषिकेश रेड्डी के निर्देशन में पीआई बालासाहेब थोरात, संदीप पाटिल, उमेश बोरसे, महिला पुलिस खालिदा योगेश शिरसाठ, शांतिलाल सोनवणे, संदीप काद्रे, योगेश शिंदे, मुक्तार मंसूरी, गौतम सपकाले, मकसूद पठान, अनिल शिम्पी, पंकज जोंधले, सचिन जगताप, सिद्धार्थ मोरे, धीरज काटकर, वंदना कासवे, दत्तात्रय उजे, किरण कोठावड़े, महेंद्र भदाणे, निलेश पाकड़ की टीम ने सराहनीय भूमिका अदा की है।

इस मामले में पुलिसकर्मी बिपिन पाटिल और इमरान इस्हाक़ शेख को सस्पेंड कर जांच शुरू की जाएगी साथ ही इस मामले में प्रयुक्त वाहन का लॉक बुक सील कर उसे भी जब्त किया है साथ ही मामले में एक नया बैंक खाता भी सामने आया है। धोखाधड़ी की रकम और बढ़ेगी: पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धीवरे।

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