एसटी कामगारों की हड़ताल जारी, यवतमाल जिले में 750 बसों की फेरियां रद्द | New India Times

मकसूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र ), NIT; ​एसटी कामगारों की हड़ताल जारी, यवतमाल जिले में 750 बसों की फेरियां रद्द | New India Timesराज्य परिवहन महामंडल के कर्मियों ने विविध मांगों को लेकर बुधवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। एसटी कर्मियों की मांग के संबंध में शासन की ओर से कोई सम्मानजनक रास्ता नहीं निकला है। हड़ताल के परिणामस्वरुप त्यौहार के दिनों में यात्रियों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। समस्या का समाधान न होने से कर्मचारियों में असंतोष है। हड़ताल का लाभ निजी वाहन चालक उठा रहे हैं। ​एसटी कामगारों की हड़ताल जारी, यवतमाल जिले में 750 बसों की फेरियां रद्द | New India Timesवर्धा में संगठन के पदाधिकारियों से चर्चा करने पर वरिष्ठस्तर पर दो बैठक ली गई किन्तु किसी प्रकार का हल नहीं निकला। दोपहर 4 बजे तीसरी बैठक वरिष्ठ स्तर पर चल रही है। अब तक निर्णय न होने से उक्त हड़ताल जारी रहेगी, ऐसी जानकारी पदाधिकारियों ने दी है।

यवतमाल में 750 बसों की फेरियां रद्द

इस दो दिन के हड़ताल की वजह से परिवहन महामंडल का प्रति दिन लाखों का नुकसान हुआ है। राज्यव्यापी हड़ताल के चलते जिले के 9 डिपों की 490 एसटी बसों के पहिए रुक जाने से दीपावली के त्यौहार पर गांव जाने वाले लाखों यात्री विविध बस स्थानोंक पर अटक गए थे, उन्हें निजी बसों से सफर करना पड़ा। जिले में 750 बसों की फेरियां रद्द हो गई हैं। यवतमाल में हड़ताल का नेतृत्व महाराष्ट्र मोटर्स कामगार संगठन के अध्यक्ष संजय जिरापुरे, विभागीय सचिव स्वप्निल तगडपल्लेवार, एसटी कामगार संगठन के अध्यक्ष राहुल धार्मिक, एसटी कामगार संगठन के विभागीय सचिव सदाशिव शिवणकर, इंटक के अध्यक्ष सतीश डाखोरे, इंटक के विभागीय सचिव पंजाब ताटेवार, संघर्ष ग्रुप के सचिन गिरी, भास्कर भानारकर, रतन पवार, डी.के. भगत, विलास झेंडे ने किया।​​एसटी कामगारों की हड़ताल जारी, यवतमाल जिले में 750 बसों की फेरियां रद्द | New India Times

एसटी कर्मियों के हड़ताल से यातायात ठप

राज्य परिवहन निगम कर्मियों ने 7वां वेतन आयोग लागू करने तथा अन्य मांगों को लेकर मंगलवार से हड़ताल शुरू की है। हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी जिले में एसटी के पहिये रुके रहे, जिसके कारण त्योहार में पूरे जिले का यातायात मानों ठप सा हो गया। त्योहार के लिए अपने गांव, शहर जाने वाले तथा रोजाना यात्रा करने वालों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। मूल-गड़चिरोली की ओर जा रहे यात्री सिर पर बोरियां लेकर सड़कों से पैदल चलते हुए नजर आ रहे थे। हड़ताल के कारण पहले ही दिन एसटी को 10 से 15 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि इस स्थिति से निपटने के लिए आरटीओ व पुलिस विभाग की ओर से 50 ट्रैवल्स व निजी यात्री वाहनों की मदद लीईगई है, जिससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिली है।

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