प्रसिद्ध नवग्रह मेले में लगा पहला बैल बाज़ार, बाइक से महंगी बिकी बैल जोड़ियां, निमाड़ी व मालवी नस्ल की बैल जोड़ी पर खरीदारों की नज़रें | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

प्रसिद्ध नवग्रह मेले में लगा पहला बैल बाज़ार, बाइक से महंगी बिकी बैल जोड़ियां, निमाड़ी व मालवी नस्ल की बैल जोड़ी पर खरीदारों की नज़रें | New India Times

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों में शुमार नवग्रह मेले में निमाड़ी के अलावा मालवी नस्ल की बैल जोड़ियां बिक्री के लिए पहुंची। गुजरात, महाराष्ट्र से खरीदार आए। कद-काठी और चाल देखकर खरीदारी की। पहले भी बैल जोड़ियां बाइक जितनी कीमत पर बिके। हाट बाजार में किसान पशु धन लेकर पहुंचे। यहां बैल जोड़ियों की कीमत न्यूनतम 50 हज़ार व अधिकतम दो लाख तक रही। खरीदारों ने बैलों के दांत देखकर की खरीदी। दयालपुरा के सुरेश यादव की बैल जोड़ी को महाराष्ट्र के कपिल मास ने 1.80 लाख रुपए में खरीदा। बैल जोड़ी खेती कार्य में मज़बूत होती हैं।

नवग्रह मेले में अच्छी बैल जोड़ियां मिलती हैं, इसलिए खरीदी के लिए यहां आए हैं। वाट्सएप, फेसबुक से भी खरीदी-बिक्री चैल बाजार में अब डिजिटल सौदा भी होने लगा है। युवा व्यवसायी अंशुल यादव व खरगोन के तस्लीम ने बताया वाट्सएप, फेसबुक पर बैल जोड़ियों के फोटो, वीडियो अपलोड कर कीमत डाल देते हैं। कई खरीदार वहीं से बैलों की खरीदी करते हैं। जबकि सुरेश ने इनकी कीमत 2.50 लाख रुपए बताई थी। कपिल ने बताया निमाड़ी या मालकी नस्ल की है। यह मेले में अच्छी बेल गाड़ियां मिलती है, इसलिए खरीदी के लिए यहां आए हैं।

वाट्सएप, फेसबुक से भी खरीदी-बिक्री

बैल बाजार में अब डिजिटल सौदा भी होने लग है।

दांतों से उम्र की पकड़, पूछ देखकर चाल का अनुमान

व्यापारी कालूसिंह बौहान, अधावन के कैलास यादव, उमरखली के पुरुषोत्तम राठौड़ ने बताया बैल जोड़ी खरीदी के पहले उनकी अच्छी तरह पड़ताल करना ज़रूरी है। एक बार सौदा होने के बाद जोड़ी वापस नहीं होती। लिहाजा बैलों की उम्र का आंकलन दांत देखकर व उसकी चल का अनुमान पूछ देखकर लगाया जाता है। दैल के जितने दांत बड़े होंगे उनकी उम्र ज़्यादा होती। पूछ पतली है तो वह दौड़ व कृषि उपकरणों को खींचने में ज्यादा सक्षम होगा।

बैलों का बना रखा है सुबह और शाम का डाइटिंग चार्ट

गोगांया क्षेत्र से बैलजोड़ी लेकर बाज़ार पहुंचे किसान भारत चंपालाल यादव ने बताया मेले का इंतजार वर्षभर रहता है। उनके पास जो बैलजोड़ी है उसकी कीमत सवा दो लाख रुपए है। भारत ने बताया बैलों को यहां लाने से पहले सालभर विशेष देखरेख की है। बाकायदा उनका डाइटिंग चार्ट तैयार किया है। समय-समय पर उन्हें थी, गुड़ व हल्दी नमक का मिश्रण दिलाया जाता रहा है। सुबह-शाम मोटे अनाज को पीसकर तैयार किया गया मिश्रण हरी घास और मक्का खिलाया जाता है।

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