कासिम खलील, बुलढाणा ( महाराष्ट्र ), NIT;
जिले में पिछले 2 माह से राशन का अनाज वितरित नहीं हो पाया है। आगामी दिवाली को देखते हुए प्रशासन ने जनता को अनाज उपलब्ध कराने के लिये शासकीय गोदामों से अनाज का वितरण आरंभ किया है, जिससे गांव की सभी राशन दुकानों पर अनाज पहुंच रहा है। इस अनाज के पहुंचते ही कुछ राशन माफिया फिर से सक्रिय हो कर राशन के अनाज की कालाबाजारी करने लगे हैं। ऐसी ही एक जानकारी मिलने के बाद बुलढाणा के तहसीलदार सुरेश बगले ने ग्राम उमाला में एक जानवरों के कोठे पर छापा मारकर वहां से 178 क्विंटल राशन का चावल और 400 खाली पोते जप्त किए हैं। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह सिद्ध हो गया है कि जिले में राशन की कालाबाजारी जारी है जिसे अंजाम देने वाले कोई और नहीं बल्कि राशन दुकानदार ही हैं।
पिछले कुछ माह से बुलढाणा जिले में पुलिस व राजस्व विभाग द्वारा अनेक स्थानों पर छापा मारते हुए कालाबाजारी में जाने वाला राशन का अनाज पकड़ा गया है। प्रशासन चाहता है कि जिले से राशन माफिया खत्म हों और गरीब जनता को उनके हक का अनाज बराबर मिले, किंतु शासन के इस नियोजन में सेंध लगाते हुए राशन दुकानदार ही इस अवैध कारोबार में लिप्त देखे जा रहे हैं।
कल 16 अक्टूबर को बुलढाणा के तहसीलदार सुरेश बगले को गुप्त जानकारी मिली कि ग्राम उमाला में अवैध रूप से राशन का अनाज जमा किया जा रहा है और अनाज के सरकारी पोते बदलकर उसे निजी पोतों में डालकर बाहर कालाबाज़ारी में बेचा जा रहा है। इस जानकारी के बाद खुद तहसिलदार सुरेश बगले ने निरीक्षण अधिकारी दीपक इंगले, नायब तहसीलदार जी.टी.माली, मंडल अधिकारी जी.टी.राऊत तथा पटवारी वी.एम सावले को अपने साथ लेकर रात 8 से 9 बजे के बीच में निशानदेही किए हुए स्थान पर छापा मारा जहां मवेशियों के गोटे में 3 मजदूर सरकारी पोतों से अनाज को निजी पोतों में डालते हुए नजर आए। अधिकारियों को देख कर तीनों मजदुर वहाँ से भाग खड़े हुए। घटना का पंचनामा किया गया जिसमें पता चला कि इसी गांव के राशन दुकानदार पंडित सपकाल ने किसान नारायण सपकाल का गोठा यह कहते हुए अपने कब्जे में लिया कि उसकी दुकान में माल रखने के लिए जगह नहीं है। घटनास्थल से शासकीय पोतों में 90.50 क्विंटल तथा यूरिया खाद के पोतों में 87.50 क्विंटल इस प्रकार कुल 178 क्विंटल चावल जप्त किया गया है जबकि इसी कोठे में 400 राशन के अनाज के खाली पोते भी पाए गए हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इन 400 पोतों में का अनाज कालाबाजारी में बेच दिया गया है। इस पुरे अनाज की कीमत 2 लाख 18 हज़ार रुपए आंकी गई है। पंचनामे के बाद निरीक्षण अधिकारी दीपक केशव इंगले ने देर रात बुलढाणा ग्रामीण थाने में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में उमाला के राशन दुकानदार पंडित गुलाबराव सपकाल सहित तीन अनजान मजदूरों पर इ.सी. एक्ट की धारा 3,7 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। फिल्हाल कोई भी आरोपी हिरासत में नहीं आया है। मामले की अधिक जांच बुलढाणा ग्रामीण के थानेदार अमित वानखड़े कर रहे हैं।
किन वाहनों का हुआ उपयोग?
शासन ने “द्वार-पहोंच” योजना अमल में लाई है जिसके तहत राशन दुकानदारों को सरकार अपने खर्च से उनकी दुकानों तक अनाज पहुंचा रही है। आगामी दिवाली को देखते हुए जिले की सभी राशन दुकानों पर द्वार-पहोंच योजना के लिए लगाए गए वाहनों से अनाज ले जाया जा रहा है। उमाला के राशन दुकानदार को 35 क्विंटल अनाज पहुंचने के बावजूद कल 16 अक्तूबर को 3 बड़े वाहन उमाला पहुंचे थे जिनमें से ये अनाज उतारे जाने की जानकारी मिली थी। अब इस बात की जांच होना चाहिए कि उमाला में पकड़ा गया राशन के अनाज का बड़ा जखीरा ढोने के लिए किन वाहनों का उपयोग किया गया था??
इ-पॉस केवल शो-पीस
राशन तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने बुलढाणा ज़िले की 1537 राशन दुकानों को 4 माह पहले इ-पॉस मशीनें उपलब्ध कराई है ताकि राशन दुकानदार इसी मशीन पर लाभार्थी का अंगूठा लगा कर उसे राशन का अनाज दें। इस मशीन में दुकानदार का पूरा हिसाब रहता है, उसे सरकार से कितना अनाज मिला और उसने कितना अनाज वितरित किया। पिछली कुछ घटनाओं को देखा जाए तो राशन दुकानदार ही अनाज की तस्करी करते हुए पकड़े गए हैं, जिससे यह स्पष्ठ होता है कि कई राशन दुकानदार इ-पॉस मशीनों का उपयोग ही नहीं कर रहे हैं। वह केवल शो-पीस बन कर रहे गई है।
