अरशद आब्दी, झांसी ( यूपी ), NIT;
झाँसी नगर में आज मोहल्ला मेवातीपुर में सैय्यद सादिक़ अली सहाब मरहूम के अज़ख़ाने में एक इसाले सवाब के मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें हिदुस्तान के मशहूर व मारूफ़ ज़ाकिरे एहलेबैत मुम्बई से आए आली जानाब किरतास कर्बलाई सहाब तशरीफ़ लाए। उन्होंने तकरीर करते हुए अहलेबैत की शान बयान की और जनाबे जैनुल आबदीन अ, स, की शहादत के मसाएब बयान करते हुए बताया कि कर्बला में कितने ज़ुल्म सहने के बावजूद भी इमाम ने पर्दे की हिदायत की और नमाज़ के वास्ते ईमाम हुसैन अ, स ने नमाज़ क़ज़ा नहीं होने दी तीरों पर तीर चलते रहे लेकिन इमामे हुसैन ने अपने नाना के दीन की हिफाज़त की। नमाज़ अदा करके साबित कर दिया कि आज भी इस्लाम और नमाज़ ज़िंदा है। वहीं शहादते ज़ैनुल आबदीन अ.स. के कर्बला में ज़ुल्मों की हद बयान करते हुए बताया कि गले में तौक और पैरों में बेड़ियों के साथ कूचा ब कूचा शाम के बाज़ारों में इस बीमार ईमाम को बरहना सर यज़ीद के दरबार में ले जाया गया, लेकिन बीमार ईमाम ने अपने बाबा के दीन को रुसवा नहीं होने दिया।
वही सोज़ खुवानी हाजी अली नवाब साहब हाशिम साहब एवं साहिबे आलम साहब ने की। नौहा खुवानी के साथ साथ मातम ज़नी की गई और बीमार ईमाम ज़ैनुल आबदीन को ख़िराजे अक़ीदत पेश करते हुए मरहूम नाज़िम अली आब्दी को याद करते हुए उनको सूरह फातिहा बख्शा गया, जिसमें मौजूद ग़ज़नफर अली बाँदा आली जानाब सग़ीर साहब मऊरानीपुर से, वहीं इलाहाबाद से तशरीफ़ लाए दानिश साहब साहिबे बियाज़ एवं उनके सहियोगी मौजूद रहे। हाजी अली नवाब साहब, फ़ायक साहब, राजू आब्दी, ज़ामिन आब्दी, फुरकान हैदर, क़मर आब्दी, फ़िरोज़ आब्दी, जिप्पी साहब, जावेद हैदर साहब, शुजाअत हैदर, जाफ़री साहब, शहनशाह हैदर आब्दी, अतहर हैदर आब्दी, राहत आब्दी, अनवर साहब, तनवीर साहब, इरशाद आब्दी साहब, आरिफ़ आब्दी, ज़ाहिद रज़ा आब्दी, अली मियां साहब, ज़िया मेंहदी साहब, आसिफ हैदर साहब, रज़ा मेहंदी साहब, ज़हूर मेंहदी साहब, शाहिद साहब एवं जुमा व जमाअत सैय्यद शाने हैदर ज़ैदी साहब मौजूद रहे। संयोजक सुख़नवर अली आब्दी, नादिर अली आब्दी मौजूद रहे। आयोजकों ने सभी आए हुए सामईनों का आभार व्यक्त किया।
