महाराष्ट्र में राजस्व कर्मियों का "काम-बंद" आंदोलन दूसरे दिन भी रहा जारी, जनता की मुश्किलें बढीं | New India Times

कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT; ​
महाराष्ट्र में राजस्व कर्मियों का "काम-बंद" आंदोलन दूसरे दिन भी रहा जारी, जनता की मुश्किलें बढीं | New India Timesमहाराष्ट्र राज्य महसूल (राजस्व) कर्मचारी संघटना मुंबई ने अपनी विविध प्रलंबित मांगों के लेकर राज्य भर में 10 अक्तुबर से काम बंद आंदोलन का निर्णय लेते हुए प्रत्यक्ष रूप से अपना आंदोलन जारी कर दिया है। आज 1अक्टूबर को दूसरे दिन भी ये आंदोलन जारी होने के कारण राज्य भर में राजस्व विभाग के शासकीय कामों पर इसका असर देखने को मिल रहा है। बुलढाणा ज़िले में भी ये आंदोलन प्रभावी रूप से जारी है।​महाराष्ट्र में राजस्व कर्मियों का "काम-बंद" आंदोलन दूसरे दिन भी रहा जारी, जनता की मुश्किलें बढीं | New India Timesराज्य भर में जारी इस काम बंद आंदोलन में शामिल कर्मियों ने आपने ज्ञापन में कहा है कि,राजस्व लिपिक इस पदनाम को बदल कर राजस्व सहाय्यक किये जाने की बात मंज़ूर की गई है इसके लिए शासन तत्काल परिपत्र जारी करे। शासन द्वारा नायब तहसीलदारों को ग्रेड पे 4800 रुपए मंज़ूर किया गया है उसे लागू किया जाए। अव्वल कारकुन (वर्ग 3) संवर्ग की वेतन श्रेणी की खामियां दूर की जाएं। सिपाही संवर्ग के कर्मियों को पटवारी संवर्ग में काम करने की मंज़ूरी प्रदान की जाए। आपूर्ति विभाग के आपूर्ति निरीक्षक का पद पदोन्नति का है इस लिए इसे सीधा ना भरा जाए। नायब तहसिलदार पद भर्ती का प्रमाण 33 प्रतिशत से कम करते हुए 20 प्रतिशत किया जाए। इस प्रकार की कुल 10 मांगों को ले कर ये आंदोलन जारी किया गया है। राज्य में संघटना के सदस्य तहसील व जिलाधीश कार्यालयों के सामने बैठ कर शासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। इस आंदोलन में बुलढाणा ज़िले के 536 कर्मी शामिल है। शासन जल्द राजस्व कर्मियों की मांग की तरफ ध्यान दे ताकि आम जनता को हो रही तकलीफ से निजात मिल सके।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article

Exit mobile version