रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

कर्मों की न्यारी है आज तेरी तो कल मेरी बारी है।
जीवन के अनसुलझे रहस्यों में से एक मौत है जो कब कहाँ कैसे आ जाये कुछ कहा नहीं जा सकता। कुछ मौत दुःख का कारण बनती है तो कुछ की मौत पर सहज संवेदना उभर आती है और मन कहता है ईश्वर उसे इस जीवन से भी बेहतर सदगति प्रदान करें। थांदला नगर के एक ऐसे ही व्यक्ति सुभाष भंसाली (प्रचलित नाम कालू) का प्रातः 11 बजे दिल की गति तेज होने से निधन हो गया।
मानसिक रूप से विक्षिप्त कालू नगर में सुबह शाम नगर में घुमा करता था उसके दो भाई महेश व चंदू भी मानसिक रूप से विक्षिप्त है लेकिन कालू इनमें बड़ा होकर समझदार भी था जो दोनों भाइयों की खासकर महेश की देख-रेख व सेवा भी करता था। उल्लेखनीय है कि कालू महेश चंदू जैन श्रीसंघ अध्यक्ष भरत भंसाली, व्यवसायी समाजसेवी अनिल भंसाली व मुमुक्षु ललित भंसाली के काका के लड़के है।
भंसाली ब्रदर्स ने तीनों भाई के ईलाज व उन्हें सामान्य जिंदगी जीने में कई प्रकार से मदद की लेकिन कहते है ना कर्मों की लिखावट को कोई नहीं बदल सकता।
ऐसे में अपने फर्ज का निर्वहन करते हुए उन्होंने कालू की शवयात्रा निज निवास से सम्मान निकाली जिसमें नगर के प्रथम नागरिक पति समाजसेवी सुनील पणदा, पार्षद जगदीश प्रजापति, समाजसेवी मयूर तलेरा, मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ अध्यक्ष कमलेश दायजी, तेरापंथ महासभा अध्यक्ष अरविंद रुनवाल, जीवदया अभियान के संयोजक पवन नाहर, व्यापारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष अशोक तलेरा, संयोजक राजेश बरमेचा, समाजसेवी यतीन्द्र दायजी, जैन संघ के कोषाध्यक्ष संतोष चपलोद, समाजसेवी प्रफुल्ल पोरवाल, नरेंद्र कांकरिया, प्रफुल्ल तलेरा, पत्रकार कमलेश तलेरा, उमेश चौधरी, प्रदीप व्होरा, संतोष श्रीमाल, ब्लड डोनेशन टीम संयोजक अजय सेठिया सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों व समाजसेवियों ने शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की। कालू का मुखाग्नि उसके भाई महेश व चंदू संग भंसाली परिवार ने दी वही नवकार महामंत्र के जाप के साथ उठावना सहित समस्त प्रकार के शोक निवारण कार्यक्रम सम्पन्न किये गए।
