मकसूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
यवतमाल जिले में कीटनाशकों के छिड़काव से मारे गए किसानों के परिवार से भेंट करने के लिए गए राज्य के कृषि मंत्री पांडूरंग फुंडकर को किसानों की नाराजी का सामना करना पड़ा। घाटंजी तहसील के माणोली गाँव में मृतक किसान परिवार से मिलकर निकलने के समय किसानों ने अपनी व्यथा सुनाने की कोशिश की, लेकिन किसानों की बात को अनसुना किए जाने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कपास के झाड़ गाड़ी पर फैंकने शुरू कर दिए। विरोध प्रदर्शन के बाद कुछ की गिरफ़्तारी की गई लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। इस दौरान शेतकरी न्याय हक्क आंदोलन समिति के कार्यकर्ता भी परिसर में मौजूद थे।
यवतमाल सबसे अधिक प्रभावित
सबसे अधिक 19 मौतें यवतमाल ज़िले में दर्ज की गई हैं। इस इलाक़े में मुख्य रूप से कपास उगाया जाता है और यहां के किसान आत्महत्याओं के लिए अक्सर सुर्खियों में रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इसी दरम्यान 800 और किसानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुख्य रूप से कपास, सोयाबीन और मसूर उगाने वाले किसानों ने बताया कि उन्होंने तेज़ कीटनाशकों के घोल और पॉवडर के मिश्रण का खेतों में छिड़काव किया था।
ये किसान कपास की जेनेटिकली मॉडिफ़ाइड यानी जीएम फसलें उगाते हैं, जिन्हें कृमि रोग से सुरक्षित माना जाता है, जो सिर्फ़ कपास की फसल को ही नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन किसानों का कहना है कि इस साल फसलों को फिर भी इन कीड़ों से रोग हुआ, जिसकी वजह से उन्हें कीटनाशक का इस्तेमाल बढ़ाना पड़ा।
