रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बडोला, झाबुआ (मप्र), NIT:
झाबुआ जिले के मेघनगर में उस समय हड़कंप मंच गया जब गारिया नाले के पास नील गाय का शव मिला। नील गाय का शव मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मेघनगर-झाबुआ के बीच गारिया नाले पर ही रोड़ के बीचो बीच धरने पर बैठ कर चक्का जाम कर दिया।
मेघनगर और झाबुआ दोनों तरफ वाहनों का लम्बा जाम लग गया चक्काजाम कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ट्रीटमेंट प्लांट से बाहर छोड़ा गया जहरीला कैमिकल दूषित लाल पानी पीने से आये दिन पालतू जानवर, गाय, मुर्गा, मुर्गी, बकरी, मछली, सहित वन्य जीवो की मौत हो रही हैं। यहां सुबह वन्य जीव नीलगाय गरिया नाला (खाल) के समीप म्रत पाई गई।
नील गाय का शव मिलने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणजन भारी मात्रा में इकट्ठे हो गए और ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यहाँ पहले भी एक गाय की मौत इसी तरह दूषित पानी पीने के कारण हो चुकी है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना मेघनगर एसडीएम व तहसीलदार को भी दी थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।

ग्रामीणों द्वारा घंटे तक रतलाम झाबुआ स्टेट हाईवे को जाम रखा और आरोप लगाया कि कैमिकल युक्त पानी पीने से लगातार मवेशियों की मौत हो रही है। चक्का जाम की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और तहसीलदार कटारे ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जांच से जल्द जांच करवा कर एक सप्ताह में रिजल्ट देने की बात कही तब जाकर गुस्सा आए ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त किया।
