फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

थाना सोहना सिटी इलाके में दलितों के साथ हुई जानलेवा हमले की घटना लगातार तूल पकड़ती जा रही है। पिछले 10 दिन पहले नागरिक अस्पताल में घुसकर दबंगों ने दलित परिवार के लोगों पर तलवारों, फरसों आदि धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। मामले में पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। पुलिस ने कानूनों और माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए आरोपियों को थाने से ही पुलिस बेल देकर जमानत पर बाइज्जत छोड़ दिया है जिससे दलितों में गहरा रोष व्याप्त है।

बुधवार को भीम सेना चीफ नवाब सतपाल तंवर ने सोहना की बंद कॉलोनी वार्ड नंबर 20 में पहुंचकर पीड़ित दलित परिवार से मुलाकात की। सतपाल तंवर के सोहना में आगमन में प्रशासन में हड़कंप मच गया। तंवर ने एसीपी सोहना सहित पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे डाला। इसके बाद आनन फानन गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने सोहना सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र मान का तबादला कर दिया। एसएचओ पर गाज गिरने की वजह नवाब सतपाल तंवर को माना जा रहा है। उनकी जगह इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार को एसएचओ लगाया गया है। सतपाल तंवर का आरोप है कि एसीपी नवीन संधू होने वाली दलितों की महापंचायत को नाजायज और शातिराना रूप से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। अगर इतना ही डर है तो आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजें।
वहीं भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने एसीपी नवीन संधू पर दलित समाज को बरगलाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। तंवर ने कहा कि एसीपी सोहना नवीन संधू को सस्पेंड कर देना चाहिए। नवीन संधू ने आरोपियों को संरक्षण प्रदान करके पीड़ित दलित परिवार के लिए न्याय के रास्ते बंद कर दिए हैं। सतपाल तंवर के सोहना दौरे के बाद एसीपी संधू दलित समाज की अलग अलग संस्थाओं से व्यक्तिगत मीटिंग करके उनमें फूट डालने का काम कर रहे हैं लेकिन अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। एसीपी नवीन दलित समाज को बहका रहे हैं और कह रहे हैं कि उनको डॉक्टर की रिपोर्ट नहीं मिली है इसलिए आईपीसी 307 नहीं लगाई है और पीड़ित परिवार के बयान नहीं मिले हैं इसलिए एससी/ एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की है। सतपाल तंवर का कहना है कि एमएलआर बनाने का काम मात्र 10 मिनट का है हाथ पैर और शरीर के कई अंग कटे पड़े हैं। डॉक्टरों और एसीपी नवीन संधू की मिलीभगत से सबूतों को मिटाया जा रहा है।
