रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:
आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में गाय गोहरी की यह अनोखी परंपरा सदियों से चली आ रही है गौ माता का श्रृंगार कर सजा धजा कर तैयार कर उसे जहां गोहरी पड़ती है वहां लाया जाता है।
झाबुआ जिले के मेघनगर के आजाद चौक पर परंपरा अनुसार मन्नत धारी जमीन पर लेट जाते हैं और गायों के झुंड उनके ऊपर से उन्हें रौंदते हुए गुजरते हैं।
गायों के पैरों से खुद को कुचलवाते हैं सदियों से चली आ रही है यह परंपरा मन्नत धारी शराब की धार जमीन पर लगाकर अपनी परंपरा का निर्वहन करते हैं बताते हैं गौ माता का झुंड जब ऊपर से गुजरता है ओर अगर गाय
उनके ऊपर पैर रख देती है तो उसे शुभ माना जाता है ओर मन्नत धारी की मन्नत पूरी हो जाती है।
