ओम्कारेश्वर बांध के जल स्तर बढ़ने से हुई ढाई साल आदिवासी बालिका की मौत, बालिका की मौत के लिए शिवराज सरकार जिम्मेदार, चले हत्या का मुकदमा : आप | New India Times

अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT; ​

खंडवा जिले के पुनासा तहसील के ओमकारेश्वर बांध प्रभावित गांव एखंड  में ढाई वर्षीय आदिवासी बालिका सुनीता पिता रत्न की मृत्यु  बांध के पानी में डूबकर हो गई है। बालिका के घर के तीन तरफ बांध का पानी भर जाने से यह दुर्घटना हुई। इस पर खंडवा कलेक्टर अभिषेक सिंह ने यह शर्मनाक और झूठा बयान दिया है कि यह मौत कुए में डूबने से हुई है, जबकि कोई भी अधिकारी द्वारा घटना स्थल का मुआयना नही किया गया था।
इस पर आम आदमी पार्टी द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया और नर्मदा बचाओ आंदोलन की वरिष्ठ कार्यकर्ता व आप प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुश्री चित्तरूपा पालित ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले तीन चार दिन से शासन द्वारा ओम्कारेश्वर बांध के जलस्तर बढ़ाया जा रहा है जिससे ग्राम एखंड , घोगल गांव,टोकी,  खामखेड़ा, केलवा आदि गांव में सैकड़ों खेत फसल और घर डूबने लगे हैं। इन डूब प्रभावितो का पुनर्वास, जमीन आवंटन, अनुदान आदि सरकार द्वारा दिया जाना अभी बाकी है फिर भी माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 11-5-2017 का खुला उल्लंघन करके शिवराज सरकार द्वारा यह पानी का जलस्तर 189 मीटर से बढ़ाकर 192.57 मीटर कर दिया गया है।​ओम्कारेश्वर बांध के जल स्तर बढ़ने से हुई ढाई साल आदिवासी बालिका की मौत, बालिका की मौत के लिए शिवराज सरकार जिम्मेदार, चले हत्या का मुकदमा : आप | New India Timesइस सिलसिले में परसों और कल डूब प्रभावितों द्वारा कलेक्टर समेत अन्य अधिकारियों से मिलकर  यह मांग की गई थी कि ओमकारेश्वर बांध का जलस्तर तत्काल कम करके 189 मीटर तक किया जाए।

ज्ञातव्य है सर्वोच्च न्यायालय ने 11-5-2011 के अपने  फैसले में ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर  मीटर से अधिक बढ़ाने की इजाजत नहीं दी है और कलेक्टर जिला खंडवा द्वारा जारी आदेश दिनांक 10सिंतबर 2017 में स्वयं स्वीकार किया गया है कि उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार ओम्कारेश्वर बांध में पानी 189 मीटर तक ही भरने की अनुमति है।

इन गांव में आज भी सैकड़ों लोग रह रहे हैं और उनके द्वारा पहले दिए गए  मुआवजा व अनुदान सुप्रीम कोर्ट के व  शिकायत निवारण प्राधिकरण के अनुसार शासन तथा व NHDC को वापस कर दिए थे,लेकिन आज तक उन्हें कृषि योग्य और अतिक्रमण मुक्त कोई वैकल्पिक जमीन नहीं दिखाई गई है।  यहां तक कि मजदूरों के भी कई अनुदान अभी भी देय है। स्पष्ट है कि बिना पुनर्वास किए शिवराज सरकार द्वारा जलस्तर बढ़ाना इन सभी लोगों की हत्या है।  और इस पर पर भारतीय दंड संहिता के अलावा अनुसूचित जनजाति कानून के तहत भी शिवराज सरकार पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
आम आदमी पार्टी मानती है कि कि ढाई वर्षीय सुनीता के साथ जो हुआ वह पूर्णता शिवराज सरकार के गैर कानूनी रूप से जल स्तर से हुआ है और इस हत्या के पूर्ण रूप से जिम्मेदार शिवराज सरकार और उनके अधिकारी है।

आम आदमी पार्टी मांग करती है कि

  • 1.  सुनीता के हत्या के आरोप में शिवराज सरकार और संबंधित संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो।
  • 2.  शिवराज सरकार तत्काल रुप से ओम्कारेश्वर बांध का जलस्तर कम करें।
  • 3. खंडवा कलेक्टर अभिषेक सिंह को तत्काल निलंबित करे।

अगर यह मांगे शिवराज सरकार द्वारा नहीं मानी जाती है तो आम आदमी पार्टी इसके खिलाफ अपना आंदोलन तेज करेगी।

By nit

Exit mobile version