अरशद आब्दी, झांसी ( यूपी ), NIT;
अमन की नगरी कही जाने वाली झांसी शहर में क्राईम का ग्राफ बढता जा रहा है। एक ओर जहां झांसी पुलिस इनामी बदमाशों को पकड़ कर जेल भेज रही है वहीं दूसरी ओर झांसी पुलिस डिपार्टमेंट के कुछ सिपाही एवं चौकी प्रभारी पुलिस महकमे को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। यह वर्तमान सरकार को बदनाम करने से भी बाज़ नहीं आ रहे हैं।
अभी ही हाल में इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला आया था कि किसी भी पत्रकर से कोई भी अभद्र व्यहवार नहीं करेगा।अगर पत्रकार दोषी है तो उस पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। पत्रकार के साथ अभद्र व्यहवार करने वाले पर जुर्माने के साथ साथ सज़ा का भी प्रावधान किया गया है। लेकिन माननीय मुख्य मंत्री एवं इलाहाबाद हाई कोर्ट की झांसी के कुछ सिपाहियों एवं अधिकारीयों द्वारा ने मुख्यमंत्री जी के आदेशों की धज्जियां उड़ाकर रख दी है।
झांसी हंसारी चौकी के खिलाफ खबर लिखने पर क्राइम वीक न्यूज़ के पत्रकार विपिन सिंह को हसरी चौकी के खिलाफ़ न्यूज़ लिखने पर गाली गलौच के साथ साथ जान से मारने की धमकी तक दे डाली। विपिन सिंह न्यूज़ कवर करने जब हसरी चौकी प्रेम नगर समीप गए उस वक़्त चौकी प्रभारी शिवशंकर सिंह मौजूद नही थे, वहां बैठे कांस्टेबिल गोविंद सिंह यादव ने पत्रकार विपिन सिंह से कहने लगे कि जनता है हर वक़्त न्यूज़ लिखने वाला मार दिया जाता है, जैसे वरिष्ट्री महिला गौरी लंकेश पत्रकार का हाल हुआ। ज़्यादा लिखने पर पत्रकारों को मार दिया जाता है। तू हर जगह ख़बर लिखना बंद कर वरना तू भी मारा जाएगा। विपिन पत्रकार को गालियां देते हुए पुलिस कर्मी ने धमकाया कि यह लास्ट बार तूझको जाने दे रहा हूं। अगर आगे से मेरी चौकी के खिलाफ़ में कोई भी न्यूज़ लगाई तो वही करूँगा जो कहा है तुझको मारूंगा अलग और फ़र्ज़ी मुक़दमे इतने लगाऊँगा की तारीख़ पर ही जाता रहेगा और ज़्यादा पत्रकारिता दिखाई तो जान से भी हाँथ धो बैठेगा। वहीं विपिन पत्रकार ने जवाब में कहा कि सच्चाई नहीं छुपाऊंगा, मेरा काम है सच्चाई को सामने लाना। अगर पत्रकतार गौरी लंकेश जैसी मेरी मौत होगी तो हो जाने दो लेकिन में अपनी क़लम और कवरेज नहीं रोकूंगा।
इस पूरी घटना से क्राइम वीक न्यूज़ के पत्रकार विपिन सिंह ने श्रीमान झाँसी कप्तान सहाब एवं डीजीपी श्रीमान सुलेख खान जी को अवगत कराया है, जिस पर विपिन सिंह को आश्वाशन दिया गया है। इस संबंध में हासरी चौकी प्रभारी शवशंकर जी से जब बात हुई तो उन्होंने साफ साफ खुले लफ़्ज़ों में कुछ भी कहने से मना कर दिया।
बाता दें कि कुछ दिनों पहले मनीष पत्रकार को भारी बज़ार में दौड़ा दौड़ा कर मारा गया था। उस पत्रकार का जुर्म बस इतना था कि वो बालू खनन के खिलाफ़ में लिख रहा था। वहीं तीसरा मामला बी के न्यूज़ के विकास बिदुआ को जान से मारने की धमकी के साथ साथ ज़िंदा जलाने की बात कही जो कि अज्ञात बदमाश थे। अभी तक पुलिस उन लोगों पर क्या कार्यवाही हुई आज तक मालूम नहीं हुआ। नगर में विपिन को जान से मारने और अभद्र भाषा से पेश आने पर विपिन सिंह ने झाँसी एसएसपी एवं झांसी डीजीपी महोदय से न्याय न्याय और अपनी जान की रक्षा की गुहार लगाई है।
