कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
बुलढाणा ज़िले के मेहकर शहर के निजी कोचिंग क्लास के हाॅस्टल में रहने वाले 10 वीं कक्षा के एक छात्र को वार्डन द्वारा बेदर्दी से पिटने का सीसीटीवी फुटेज NIT के हाथ लगने के बाद इस घटना को सब से पहले NIT द्वारा प्रकाशित किये जाने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई थी। सभी ओर से बढ़ते दबाव को देखते हुए आखिर कोचिंग क्लास के संचालक खुद ही मेहकर थाने में पहुंचा और मारपीट करने वाले वार्डन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल आरोपी वार्डन को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मेहकर शहर में चलने वाले परहाड कोचिंग क्लास के संचालक विनोद परहाड ने छात्रों के लिए निजी हाॅस्टल भी खोल रखा है। इसी हाॅस्टल में ग्राम हिवरा आश्रम का छात्र भावेश पाटिल भी रहता है जो मेहकर की एम.ई.एस. विद्यालय की कक्षा 10वीं में पढता है और उसने इस कोचिंग क्लास में ट्यूशन लगाईं हुई है। विगत सप्ताह छात्र भावेश पाटिल ने हॉस्टल में मिलने वाले खाने को लेकर शिकायत वार्डन संतोष डोंगरदिवे से की थी, इसी बात से खफा वार्डन डोंगरदिवे ने रात के समय छात्र भावेश पाटिल को डंडे से बेरहमी से तकरीबन 5 मिनिट तक पिटाई की। ये पुरी घटना हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। हॉस्टल के ही किसी व्यक्ति ने इस वीडियो को लीक कर दिया। कोचिंग क्लास संचालक विनोद परहाड के एक राजकीय दल से जुड़ा होने के कारण कोई इस घटना का खुल कर विरोध नही कर पा रहा था। छात्र के साथ इस अमानवीय मारपीट का वीडियो हाथ लगने के बाद 18 सितंबर को NIT ने इस घटना की खबर शाम में प्रकाशित की जिसे जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी सहित बुलढाणा ज़िला एवं मेहकर में हज़ारों पाठकों ने इस खबर को पढ़ा। मेहकर पुलिस को वरिष्ठों और जिले के अन्य पत्रकारों के फोन कॉल्स आए, साथ ही कोचिंग क्लास संचालक से भी इस विषय में कई लोगों ने संपर्क कर घटना की जानकारी जानने का प्रयास किया, जिसका नतीजा यह निकला कि कोचिंग क्लास के संचालक विनोद परहाड ने इस गर्माते हुए मुद्दे को शांत करने के लिए स्वंय ही तत्परता दिखाई और 18 सितंबर की रात में मेहकर पुलिस स्टेशन में पहुंच कर छात्र भावेश पाटिल को डंडे से मारपीट करने वाले वार्डन संतोष डोंगरदिवे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में परहाड ने बताया कि वार्डन डोंगरदिवे ने छात्र भावेश को पानी लाने के लिए कहा था किन्तु भावेश ने पानी ला कर नहीं दिया इस बात पर भावेश को पिटा गया था। पुलिस ने आरोपी डोंगरदिवे के खिलाफ आईपीसी की धारा 324 के तहत अपराध दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट से आरोपी को ज़मानत मिल गई है।कहा ये भी जा रहा है कि छात्र भावेश पाटिल को वार्डन द्वारा पीटे जाने के बाद छात्र के अभिभावक घटना की शिकायत दर्ज कराने के लिए मेहकर पुलिस थाने में गए थे किंतु पुलिस के कुछ “धन-लोभी” कर्मियों ने थानेदार को बताए बगैर ही अभिभावक को बिना रिपोर्ट दर्ज किये बहला-फुसला कर मामला मैनेज कर लिया था।
