अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
म्यामांर में रोहिंग्या मुसलमानों की हो रही निर्मन हत्त्याओं के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में म.प्र कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता आरिफ मसूद के नेतृत्व में बुधवारा चौराहे पर धरना देकर विभिन्न समाजिक संगठनों ने भारत सरकार से इस नरसंहार को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए आरिफ मसूद ने कहा कि म्यांमार की सेना द्वारा मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है। जिसमें वृद्ध और मासूम बच्चों व महिलाओं को निर्वस्त्र कर विभिन्न यातनाएं दे कर उनकी हत्त्याएं की जा रही हैं। वहां की सरकार ने खाद्य समाग्री बंद कर दी है, जो की इंसानियत एवं अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकारों का हनन है। आगे उन्होंने कहा कि भारत में रह रहे म्यांमार शरणाथियों के समबन्ध में भारत सरकार द्वारा कोर्ट में जो हलफ़नामा दिया गया है उसको भारत सरकार वापस ले। तिब्बत से आये 1 लाख लोगों को भारत ने शरण दी। बंग्लादेश चकमा से आये शरणार्थीयों को भी भारत ने शरण दी। इसी तरह श्रीलंका से तमिल शरणार्थीयों को शरण देकर भारत में रहने दिया गया और राजिव गांधी जी की हत्या के बाद भी भारत सरकार ने तमिल लोगों को वापस नहीं पहुंचाया।
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के सचिव कामरेड शैलेन्द्र शैली ने भी धरने को सोम्बोधित करते हुए कहा कि भारत की अधिकांश जनता सेकुलर है। रोहिंगिया मुसलमान संकट में हैं, इस वक़्त उनकी मदद करनी चाहिए। जब तक म्यांमार में हालत सामान्य न हो जायें तब तक भारत में रहने का अधिकार देना चाहिये। इसी तरह भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशन भोगी संघर्ष मोर्चा के संयोजक बाल कृष्ण नाम देव एवं सिख गुरुद्वारा कमिटी के अध्यक्ष जानी दिलीप सिंह ने कहा कि आज मानवता शर्मसार हो रही है। रोहिंग्या मुसलमानों के साथ आज जो किया जा रहा है वह अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकारों का उलंघन है। म्यांमार में आज जो हालात हैं उसे देखते हुए भारत सरकार को म्यांमार की सरकार से वहां शांति बहाल करने का प्रयास करना चाहिए। इस मौके पर भारत मुक्ति मोर्चा वाम सेना के संभागीय अध्यक्ष दीपक खरे ,दीपक जाटव ,पार्षद रईसा मालिक ,रफीक कुरैशी, शाहवर मंसूरी ,मेवा लाल कंर्जी ,पूर्व पार्षद मोहम्मद माहिर आदि लोग मौजूद रहे।
