फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

भीमसेना चीफ नवाब सतपाल तंवर की शिकायत पर कोर्ट ने कड़ा ऐक्शन लेते हुए सेक्टर 37 थाना पुलिस को आदेश दिया था कि वे 13 अक्तूबर तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करे। मामला 2020 से कोर्ट में लंबित है। सेक्टर 37 थाना पुलिस ने नवाब सतपाल तंवर के बयान लेकर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सुनील कुमार की कोर्ट में एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करके बताया कि यह अभिव्यक्ति की आजादी का मामला है। कंगना रनौत के खिलाफ कोई केस नहीं बनता।
भीमसेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर के अस्पताल में भर्ती होने की वजह से मामले पर सुनाई 15 जनवरी 2024 तक के लिए टाल दी है। अधिवक्ता आदित्य जायसवाल ने पुलिस की जांच रिपोर्ट पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि यह संविधान के अपमान का मामला है को इंसल्ट टू नेशनल ऑनर एक्ट में एक अपराध है लेकिन मुख्य शिकायतकर्ता सतपाल तंवर के कोर्ट में उपस्थित ना होने की वजह से सुनवाई जनवरी तक के लिए टाल दी गई है।
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत पर एक ट्वीट के माध्यम से संविधान का अपमान करने का आरोप है जोकि देशद्रोह की श्रेणी का अपराध है। जिसकी शिकायत गुरुग्राम साइबर थाना और सेक्टर 37 थाने में दर्ज कराई गई थी। एफआईआर दर्ज ना होने से नाराज सतपाल तंवर ने अदालत का रुख किया था। कंगना रनौत ने अपने ट्वीट में लिखा था कि आरक्षण के मामले पर भारत का संविधान अब भी जाति व्यवस्था को पकड़े हुए है। सतपाल तंवर ने इसे संविधान में आरक्षण वाले भाग का अपमान मानते हुए पुलिस और बाद में अदालत का रुख किया था। तंवर की चीफ सेक्रेटरी नेहा शर्मा ने मीडिया को बताया कि केस में अगली सुनवाई 15 जनवरी 2024 को होगी। शिकायतकर्ता सतपाल तंवर अपना पक्ष अदालत में मजबूती से रखेंगे।
