कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली अर्थात राशन के अनाज की कालाबाजारी कितने बड़े पैमाने पर की जा रही है इसका अंदाजा पिछले कुछ दिनों में राशन तस्करों पर की गई कार्रवाई से स्पष्ट हो रहा है। राशन के अनाज की कालाबाजारी में आपूर्ति विभाग सहित राशन दुकानदार प्रत्यक्ष रुप से शामिल होने के सुबूत सामने आने के बाद कुछ राशन दुकानदारों पर पुलिस स्टेशन में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
ग्राम देवलघाट के एक युवक को 2 दिन पहले राशन के अनाज की कालाबाजारी करते हुए पकड़ने के बाद बुलढाणा तहसीलदार सुरेश बगले ने देवलघाट की 6 राशन दुकानों की तलाशी करवाते हुए उनका रिकॉर्ड जप्त कर लिया है। इस कार्यवाही के बाद तहसील अंतर्गत के राशन दुकानदारों में खलबली मची हुई है।
विगत 19 जुलाई को धाड़ के थानेदार संग्राम पाटील ने नाकाबंदी करके कालाबाजारी में जा रहे राशन का अनाज पकड़ा था। इस कालाबाजारी का कनेक्शन देवलघाट से जुड़े होने की बात सामने आई थी तथा 7 सितंबर को बुलढाणा एलसीबी के दल ने देवघाट के एक युवक को राशन के अनाज के साथ धरदबोचा था। इन दोनों कारवाई के बाद बुलढाणा के तहसीलदार सुरेश बगले चौकन्ना हो गए और उन्होंने तहसील में राशन के अनाज की कालाबाजारी को रोकने के लिए 8 सितंबर को 4 दल बना कर देवलघाट की 6 राशन दुकानों पर भेजा। इस दल में शामिल नायब तहसीलदार शाम भांबले, निरीक्षण अधिकारी डी.के.इंगले, मंडल अधिकारी शैलेश गिरी, मिसाल, श्रीमती राठोड, खंडारे, श्रीमती पूजा सावले, सहित पटवारी राऊत, काकडे, सावले और श्रीमती इंगले का समावेश था.इस दल ने देवलघाट की राशन दुकानों पर पहुंचने के बाद रिकॉर्ड रजिस्टर, और ई-पॉज़ मशीन का जायजा लिया। इस जांच में पता चला है कि राशन दुकानों का रिकॉर्ड व्यवस्थित नहीं है। गांव के कुछ लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। दुकानों की जांच के बाद एक रिपोर्ट तैयार कर आपूर्ति विभाग को तहसीलदार द्वारा भेजी जाएगी। फिल्हाल 6 दुकानों के रिकॉर्ड को देखते हुए रिपोर्ट तैयार करने का काम चल रहा है।
राशन तस्करी में दुकानदार शामिल
हमेशा ऐसा होता है कि चोर चोरी करके भी खुद को बेगुनाह बताता है। कुछ ऐसी ही नियोजित रूप से साजिश रच कर जिलाधीश चंद्रशेखर पुलकुंडवार को गुमराह करने का काम कुछ राशन दुकानदारों द्वारा किया जा रहा है। इस साजिश के तहत यह दर्शाया जा रहा है कि राशन की ये तस्करी राशन दुकानदारों द्वारा नहीं बल्कि राशन लाभार्थियों द्वारा की जा रही है। चलो मान लेते हैं कि कुछ भंगार विक्रेता गांव में घूमकर अनाज खरीदते हैं किंतु इसका प्रमाण बिल्कुल कम है, जबकि पिछली कुछ राशन तस्करी की घटनाएं जो उजागर हुई हैं उसमें राशन दुकानदारों की संलिप्तता अधिक है। राशन अनाज की कालाबाजारी की कुछ प्रमुख घटनाएं जिनमें राशन दुकानदार कालाबाजारी में शामिल है नज़र आ रहे हैं, नांदुरा के राशन दुकानदार ओम राठी, खामगांव के राशन दुकानदार जयकुमार चांडक, चिखली तहसील के ग्राम धोड़प के राशन दुकानदार दामोदर कोल्हे, मेहकर के राशन दुकानदार संजय ढाकरके तथा चिखली तहसील के ग्राम एकलारा के राशन दुकानदार जी.एस. मोदी पर राशन तस्करी का गुनाह पुलिस थाने में दर्ज है। इसके अलावा बुलढाणा जिले के राशन अनाज की यातायात के ठेकेदार गुप्ता पर भी चिखली एवं खामगांव शहर पुलिस थाने में अपराध दर्ज है।
राशन का अनाज कालाबाजारी में जाते समय बुलढाणा तहसील में 2 मर्तबा पकड़ा गया, जिसके तार देवलघाट से जुड़े होने के बाद हमने राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मियों की 4 टीमें बनाकर उन्हें देवलघाट की 6 राशन दुकानों पर भेजा तथा इन दुकानों का रिकॉर्ड जांचा, जिसमें अनियमितता नजर आई है। कुछ दुकानदारों को दोषी मानते हुए उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा बुलढाणा तहसील की 151 राशन दुकानों की भी जांच की जाने वाली है: सुरेश बगले, तहसिलदार, बुलढाणा

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