पीयूष मिश्रा, सिवनी-छपारा (मप्र),NIT;
छपारा नगर की सड़कों पर प्रतिदिन आवारा मवेशियों की धमाचौकड़ी से आने जाने वाले राहगीरों के साथ-साथ आमजन का भी हाल बेहाल है। नगर के मुख्य मार्गो में आवारा पशुओं की प्रतिदिन धमाचौकड़ी देखने को मिलती है जससे किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना हमेशा बनी रहती है। पैदल चलने वाले आम राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं को भी खतरा बना रहता है क्योंकि यह मवेशी मुख्य मार्ग पर स्थित सब्जी बाजार में भी लोगों के सब्जी के थैलों पर भी झपटा मरते हैं। मुख्य मार्ग पर शासकीय कन्या स्कूल संचालित है, जहां सुबह 10:00 बजे से शाम 4:30 बजे के आसपास तक पढाई होती है। इस समय सड़क पर मुख्य मार्ग में ट्रैफिक भी अत्यधिक हो जाता है। इसी प्रकार नगर के मुख्य कालोनियों में भी आवारा मवेशियों की धमाचौकड़ी रात-दिन बनी रहती है। इन मवेशियों के मालिक दूध नहीं देने पर मवेशियों को आवारा छोड़ देते हैं। इन मवेशियों के मालिकों के लापरवाह पूर्ण रवैया के वजह से आम जनता हलकान होती रहती है। कुछ दिन पूर्व ग्राम पंचायत के द्वारा इन आवारा मवेशियों के लिए मुनादी की गई थी अपने-अपने जानवरों को बांधकर रखा जाए उन्हें आवारा सड़कों पर ना छोड़ा जाए नहीं तो ग्राम पंचायत द्वारा कार्यवाही की जाएगी, लेकिन यह मुनादी भी सिर्फ घोषणा तक सीमित होकर रह गई है। आवारा पशु पालकों के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। शासन से जन अपेक्षा है कि इस ओर ध्यान दिया जाए और आम जनता को इस समस्या से मुक्ति दिलाई जाए।
