आसिफ शाह, भिंड ( मध्यप्रदेश ), NIT;
मुन्ना समाधिया का शव मिलने के बाद गोरमी में हिंसा भड़क गई थी। पुलिस ने मुन्ना की ह्त्या की गुत्थी सुलझा ली है। पवन, इमरान, भोला और पंकज के द्वारा पैसे के लेनदेन को लेकर यह ह्त्या किये जाने का खुलासा हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार मुन्ना ने आरोपी पवन जैन को पांच हजार रूपये ब्याज पर उधार दिए थे। उधार के पैसे मांगने पर विवाद हुआ था, जिसके बाद चाकू मार कर मुन्ना को पवन ने घायल किया था और फिर सभी साथियों ने मिलकर गाला दबाकर उसकी ह्त्या कर दी थी।
ह्त्या के बाद मुन्ना की लाश को कचनाव की पुलिया के नीचे पत्थर से दबा दिया था। जिसके बाद मुन्ना की लाश मिलने से परिजन भड़क गए थे और गोरमी में उपद्रव हुआ था। इस उपद्रव को हिंदू-मुस्लिम दंगे का रूप देने के लिए कुछ लोगों ने इस उपद्रव में एक खास समुदाय (मुसलमानों) को भीड़ ने निशाना बनाया, जिसमें कई घरों की तोड़-फोड़ कर वाहनों को आग के हवाले किया गया था। परंतु भिंड कलेक्टर इलैया राजा टी की सजगता के चलते प्रशासन ने दंगाइयों के मंसूबे खाक में मिला कर असल आरोपियों को गिरफ्तार पूरे मामले को बेनकाब कर दिया है।
