आगामी नेशनल उपभोक्ता लोक अदालत हेतु प्री-सिटिंग में 09 वर्ष पुराने प्रकरण पर आपसी राज़ी नामा पर बनी सहमति | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

आगामी नेशनल उपभोक्ता लोक अदालत हेतु प्री-सिटिंग में 09 वर्ष पुराने प्रकरण पर आपसी राज़ी नामा पर बनी सहमति | New India Times

ज़िला उपभोक्ता प्रतितोषण आयोग बुरहानपुर के ज़िला कोऑर्डिनेटर आरएस भिलाला ने जानकारी देते हुए बताया गया कि माननीय न्यायमूर्ति श्री शांतनु एस केमकर अध्यक्ष मप्र राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग भोपाल के मार्ग दर्शन में नेशनल उपभोक्ता लोक अदालत का आयोजन दिनांक 09 सितम्बर 2023 को किया जाना है। नेशनल लोक अदालत हेतु प्री-सिटंग का आयोजन 10.8.2023 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग बुरहानपुर में न्यायाधीश श्री जेपी सिंह अध्यक्ष जिला उपभोक्ता आयोग एवं श्रीमती अंजली जैन सदस्य द्वारा किया गया जिसमें लंबित 03 प्रकरणों पर परिवादी व विपक्षी के मध्य राज़ी नामा की आपसी सहमति हुई।

03 प्रकरणों में 02 प्रकरण वर्ष 2022 के हैं तथा 01 प्रकरण वर्ष 2014 का 09 वर्ष पुराना प्रकरण है, जिस पर सहमति हुई है। वर्ष 2014 के प्रकरण परिवादी जयप्रकाश, जो कि बैंक ऑफ इंडिया शाखा दापोरा में शाखा प्रबंधक के पद पर मुम्बई से स्थानांतरित हो कर आया था तथा अपना घरेलू समान राष्ट्रीय पेकर्स एण्ड मूवर्स कंपनी से बुक कराया गया था जिसकी कीमत 21500/- थी। सामान परिवादी को नहीं मिलने पर उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया गया। परिवादी के पक्ष में ज़िला आयोग द्धारा दिनांक 21.10.2014 को फैसला दिया गया कि विपक्षी 21500/- एवं क्षतिपूर्ति 11000/- कुल 32500/- का भुगतान करें। विपक्षी द्वारा जिला आयोग के आदेश के विरूद्ध मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता आयोग में अपनी दायर की गई। मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता आयोग ने प्रकरण को पुनः सुनवाई हेतु ज़िला आयोग भेजा। प्रकरण में आवेदक के अधिवक्ता श्री तुषार महाजन एवं विपक्षी के अधिवक्ता श्री अनीस बी एच अंसारी ने अपने अथक प्रयासों से दोनों पक्षों के मध्य राज़ी नामा पर सहमत हुए जिससे न्याय के सिद्धांत न्याय सबके लिए है। कोई नहीं हारा। दोनो पक्ष जीते। सफल हुआ जिस पर दोनो पक्षों को सौहाद्र संबंध बने रहने की शुभकामना न्यायाधीश श्री जेपी सिंह द्वारा दी गई।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version