जितेंद्र वर्मा, हरदा ( मप्र ), NIT;
हरदा कलेक्टर अनय द्विवेदी ने निर्देश दिए हैं कि महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रतिदिन शाम पांच बजे जिले के चारों पोषण पुनर्वास केन्द्रों से भर्ती बच्चों का ब्योरा लें। शत प्रतिशत आक्यूपेंसी नहीं मिलने पर उस क्षेत्र के ब्लाक मेडीकल आफीसर और एकीकृत बाल विकास परियोजना के परियोजना अधिकारी का उस दिन का वेतन काटे जाने की कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर कार्यालय में सम्पन्न महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक में कलेक्टर ने ये निर्देश दिए। इस बैठक में कार्यक्रम अधिकारी श्री ललित डेहरिया सहित विभागीय अमला मौजूद था। उल्लेखनीय है कि कुपोषण से निजात दिलाने के लिए हरदा, खिरकिया, टिमरनी, रहटगांव में बने पोषण पुनर्वास केंद्रों की कुल क्षमता 40 है। प्रत्येक केन्द्र की क्षमता दस है। गत तीन माह के दौरान क्षमता के अनुरूप शत प्रतिशत बच्चों की भर्ती नहीं किए जाने के कारण इसका लाभ क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल रहा था। गत जून माह में स्वास्थ विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों के सर्व हेतु संपन्न दस्तक अभियान में 74 बच्चों को केंद्र में भर्ती के लिए चिन्हांकन किया गया था। महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा किए सर्वे में 916 बच्चे अति कम वजन के पाए गए हैं।
