Edited by Maqsood Ali, मुंबई, NIT;
जन्माष्टमी त्यौहार के मौके पर मुंबई, नवी मुंबई, थाना और पालघर इलाके में दहीहांडी आयोजनों के दौरान मानव पिरामिड बना कर दहीहंडी फोड़ने के चक्कर में दो युवकों की जान चली गई वहीं 200 से अधिक लोग घायल हो गए।
ज्ञात हो कि हर वर्ष जन्माष्ठमी के मौके पर दही हांडी तोड़ने के लिए समूचे महाराष्ट्र में गोविंदाओं की टोलियों के बीच होड़ रहती है। अधिकारियों के मुताबिक़ जन्माष्टमी के मौके दहीहांडी फोड़ने के दौरान मुंबई व आसपास में 200 से अधिक गोविंदा घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में एक की हालत गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि अन्य लोगों का प्राथमिक उपचार करने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
गौरतलब है कि एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान बंबई उच्च न्यायालय को राज्य सरकार ने यह भरोसा दिलाया था कि वह सुनिश्चित करेगी कि 14 साल से कम उम्र के बच्चे दही हांडी पिरामिड बनाने में भाग नहीं लेंगे लेकिन कोर्ट ने ऊचाई निर्धारित करने से इंकार कर दिया था।
