वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन की तरफ से घाघरा नदी कटान रोकने का पुरजोर प्रयास किया जा रहा है। बाढ़ खंड के अफसर घाघरा नदी के दाहिने किनारे पर स्थित गांवों को कटान से बचाने के लिए 700 मीटर संवेदनशील रीच में 40 अदद बंबू कटर तथा अति संवेदनशील 200 मीटर रीच में ईसी बैग्स को गेबियन रोप कैरिट्स प्रयोग कर टोबाल के साथ स्लोप कटिंग कर कटान को नियंत्रित कर लिया गया है। इसके बाद प्रभावित होने वाली आबादी ने राहत की सांस ली है। आवश्यकतानुसार लांच सामग्री का रीक्यूपमेंट भी किया जा रहा है।
जनपद खीरी में घाघरा नदी के दाहिने किनारे पर स्थित तहसील धौरहरा के ग्राम सुजानपुर, लालापुर को कटान से बचाने के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने आपातकालीन फ्लड फाइटिंग कार्य युद्ध स्तर पर करते हुए सुरक्षित कर दिया है। घाघरा के जलस्तर के वृद्धि को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। अभी कोई खतरा नहीं है लेकिन विभाग पैनी नजर बनाए हुए है।
जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि आवश्यकता अनुसार रिजर्व सामग्री यथा ई०सी० बैग, नायलॉन क्रेट, नारियल रस्सी, बम्बू इत्यादि भी उपलब्ध है। अफसरों को बाढ़ एवं कटान क्षेत्रों में सतत भ्रमण सील रहते हुए हर गतिविधि पर पैनी निगाह रखने के लिए निर्देश दिए हैं। जिले में कहीं भी बाढ़ कटान की सूचना प्राप्त होने पर क्विक रेस्पॉन्ड करते हुए आवश्यकता अनुसार आपातकालीन कार्य कराये जायें। जिले में बाढ़ एवं कटान क्षेत्र में सतत भ्रमण व संरचनाओं की निगरानी की जा रही है, जिसके कारण जनपद में अवस्थित समस्त तटबन्ध एवं कटावरोधी परियोजनायें सुरक्षित एवं पूर्ण प्रभावी हैं। जिला प्रशासन बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पैनी निगाह रखे हुए हैं और जान माल की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सजग है।
बताते चलें कि नेपाल राष्ट्र में पहाड़ों पर हो रही बारिश से शारदा/घाघरा नदियों का जल स्तर बढ़ गया है, परन्तु जनपद खीरी में बाढ़ एवं कटान की स्थिति सामान्य है एवं आबादी सुरक्षित है। एतिहातन सम्भावित नदी कटान के दृष्टिगत आवश्यकतानुसार सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा आपातकालीन कटावरोधी कार्य किए जा रहे हैं।
