ओवैस सिद्दीकी, अकोला (महाराष्ट्र), NIT
जम्मू कश्मीर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड में महाराष्ट्र के अकोला जिला के तहसील लोनाग्र का जवान सुमेध वामन गवई शहीद हो गया। शहादत की खबर मिलते ही जिले में शोक की लहर दौड गई।लोगों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजली अर्पित कर संवेदना व्यक्त करने का सिलसिला जारी है। शहीद जवान के पार्थिव शरीर का सोमवार 14 अगस्ट को सुबह राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जएगा।
प्राप्त जानकारी अनुसार जम्मू कश्मीर के शोपिया जिले में आतंकवादियों तथा सुरक्षा बबलों के बीच हुई मुठभेड में गोली लगने से भारत के दो जवान शहीद हुए, जिसमें महाराष्ट्र के गवई भी शामिल हैं। यह खबर जब ग्राम लोनाग्र में पहुंची तो वहां मातम छा गया।
ज्ञात रहे की बालापूर तहसील अंतर्गत आने वाले लोनाग्र ग्राम निवासी वामन गवई अल्पभूधारक किसान है, उनके घर मे जन्मे मिलन्सार सुमेध में बचपन से ही देश सेवा का जजबा था। अध्ययनरत रहते हुए वर्ष 2011 में वे भारतीय सेना मे शमील हुए थे जो विगत 6 सालों से देश सेवा कर रहे थे। सुमेध का विवाह करने की तैयारियां भी परिवार वाले कर रहे थे। 15 अगस्त के बाद वह छूट्टी पर आने वाले थे लेकिन उससे पहले ही वह मुठभेड में शहीद हो गए। खबर मिलते ही जिले के पालकमंत्री डा रणजित पाटील ने लोनाग्र जाकर शहीद के परिवार को संतावन दी। इस समय उनके साथ उपविभागीय अधिकारी प्रा संजय खडसे, तहसीलदार राजेश्वर हांडे, अप्पर पुलीस अधीक्षक विजयकांत सागर, मंडल अधिकारी प एन बिल्लेवार समेत ग्रामवासी बडी संख्या मे उपस्थित थे। पालकमंत्री ने कहा की देश सेवा में कर्तव्य निभाते समय हमारा वीर जवान शहीद हुआ है, उसका बलिदान व्यर्थ नहीं जयेगा। हमें सुमेध पर गर्व है। उसके परिवार को शासन स्तर पर मदत दी जायेगी तथा युवओं को प्रोत्साहन मिले इस लिए यहां स्मारक का निर्माण किया जायेगा। इस बीच शहीद जवान के पिता वामन गवई का केहना है की मेरा बेटा अमर हुआ है, मेरे बेटे की शहादत का मुझे और मेरे परिवार को काफी दुःख है लेकीन देश की सेवा में आज वो अमर हुआ है इसलिए मुझे उस पर गर्व है।
