अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

हाजियों से अधिक राशि वसूली को लेकर भोपाल के कांग्रेसी विधायक आरिफ मसूद अपने समर्थकों के साथ थाना कोहेफ़िजा पहुंच कर सेन्ट्रल हज कमेटी के श्री ए.पी. अब्दुल्ला कुट्टी एवं प्रदेश हज कमेटी के श्री रफत वारसी सहित जिम्मेदारों के खिलाफ ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग की है।
आवेदन में विधायक आरिफ मसूद ने कहा है कि हज 2023 में भोपाल आरोहण स्थल (EMBARKATION POINT) से यात्रा करने वाले हज यात्रियों को किराए स्वरूप जो भुगतान करना है उसकी किराया सूची हज कमेटी ऑफ इण्डिया द्वारा दिनांक 06/05/2023 को जारी की गई जिसमें मुम्बई से यात्रा करने वाले यात्रियों को भोपाल से यात्रा करने वाले यात्रियों की अपेक्षाकृत लगभग 67,972/- रूपये कम की राशि भुगतान करना है।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भोपाल और इंदौर को आरोहण स्थल (EMBARKATION POINT) बनाया गया तब किराए में इतनी बड़ी राशि के अंतर की जानकारी हज यात्रियों को नहीं दी गई।
हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को आवेदन के समय किराया संबंधी जानकारी से अवगत नहीं कराया गया और जब चयनित आवेदकों द्वारा 02 किश्त जमा कर दी गई उसके पश्चात हज कमेटी ऑफ इण्डिया ने सर्कुलर जारी कर बढ़ी हुई राशि के संबंध में जानकारी देते हुए अवगत कराया जो कि हज यात्रियों के साथ सीधा छल है।
हज कमेटी ऑफ इण्डिया ने अनुचित लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से ग्लोबल टेंडरिंग ना कराते हुए डिफॉल्टर एयर लाइंस से सांठ-गांठ कर हाजियों को यात्रा पर भेजने का ठेका दे दिया जो कि यात्रियों के साथ सीधा धोका है, अन्यथा यात्रियों को पूर्व से किराया संबंधी जानकारी दी जाती तो वह भोपाल आरोहण स्थल (EMBARKATION POINT) से यात्रा प्रारंभ ना करते हुए सीधे मुम्बई से अपनी यात्रा प्रारंभ करते।
विधयक आरिफ मसूद ने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य हज कमेटी के सदस्य होने के नाते मैंने उपरोक्त बिंदुओं से मंत्री अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं जनाब ए.पी. अब्दुल्ला कुट्टी सा. अध्यक्ष सेन्ट्रल हज कमेटी मुम्बई तथा चेयरमैन मध्यप्रदेश राज्य हज कमेटी जनाब रफ़त वारसी सा. को भी अवगत कराया तथा किराया कम करने एवं ग्लोबल टेंडरिंग कराने का आग्रह भी किया था परंतु कोई भी कार्यवाही ना होने के कारण मैंने मध्यप्रदेश राज्य हज कमेटी के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया उसके बावजूद आज दिनांक तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई। वहीं
थाना प्रभारी ने आवेदन के बिन्दुओं की जांच कर प्रकरण दर्ज करने का आश्वासन दिया।
