महिला सशक्तिकरण की मिसाल बना झाबुआ ओलंपिक, 200 से अधिक महिला खिलाडियों ने की सहभागिता, 16 खेलों में 850 खिलाड़ियों ने भागीदार कर दिखाया अपने खेल का कौशल | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

महिला सशक्तिकरण की मिसाल बना झाबुआ ओलंपिक, 200 से अधिक महिला खिलाडियों ने की सहभागिता, 16 खेलों में 850 खिलाड़ियों ने भागीदार कर दिखाया अपने खेल का कौशल | New India Times

पहली बार आयोजित झाबुआ ओलंपिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ महिला सशक्तिकरण की मिसाल साबित हुआ। कुल 16 खेलों में 850 से अधिक खिलाड़ियों ने सहभागिता की। इसमें भी 200 से अधिक महिला खिलाड़ी शामिल थी। समापन कबड्डी के फाइनल मुकाबले के साथ हुआ। पुरस्कार वितरण समारोह देर रात तक चला। अब अगला झाबुआ ओलंपिक वर्ष 2024 में सर्दियों के मौसम में आयोजित होगा। इसमें 40 खेलों को शामिल किया जाएगा।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री रमेश परमार व शांति परमार मौजूद रहे। उनके साथ आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय संयोजक ओम शर्मा, डॉक्टर लोकेश दवे, डॉक्टर चारुलाता दवे, लायंस क्लब रतलाम के अध्यक्ष हिम्मत सिंह पुरोहित और भू-अभिलेख अधिकारी सुनील राणा मौजूद थे।

महिला-पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले हुए

महिला सशक्तिकरण की मिसाल बना झाबुआ ओलंपिक, 200 से अधिक महिला खिलाडियों ने की सहभागिता, 16 खेलों में 850 खिलाड़ियों ने भागीदार कर दिखाया अपने खेल का कौशल | New India Times

महिला वर्ग में कबड्डी का फाइनल मुकाबला उमावि रोटला और कन्या महाविद्यालय के बीच खेला गया। जिसमें रोटला की टीम विजय रही। महिला वर्ग के मुक़ाबले में दो बालिकाएं घायल भी हुई। वहीं पुरुष वर्ग में फाइनल मैच फाइनल मैच बजरंग क्लब रानापुर व स्टार एकेडमी झाबुआ के बीच हुआ। कांटा जोड़ मुकाबले में स्टार एकेडमी ने जीत हासिल की।

महिला गुड मॉर्निंग क्लब की खिलाड़ी छाई

झाबुआ ओलंपिक में महिला गुड मॉर्निंग क्लब की खिलाड़ी छाई रही। क्लब की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पार्वती किराड़ ने 400 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। इसके अलावा गुड मॉर्निंग क्लब की टीम रस्साकशी स्पर्धा में उप विजेता रही।

बैडमिंटन क्लब ने कुपोषित बच्चों के लिए दी पुरस्कार राशि

सामाजिक महासंघ झाबुआ द्वारा किए जा रहे वीर सेना नायक शहीद टंट्या भील जिला झाबुआ ओलंपिक खेल महोत्सव के पुरस्कार वितरण शनिवार को हुए। बैडमिंटन स्पर्धा के कुछ इवेंट के विजेता व उपविजेताओं ने पुरस्कार के रूप में मिली राशि नहीं लेते हुए इसे कुपोषित बच्चों के पोषण के लिए समर्पित किया। प्रतियोगिता में महिला ओपन सिंगल विजेता भावना भूरिया व उप विजेता मिताली त्रिवेदी रहे। व समापन समारोह के दौरान पुरुषों में बैडमिंटन क्लब के खिलाड़ी दिलीप कुशवाह, डॉ. राहुल गणावा, दिनेश श्रीवास और जगदीश रावत ने पुरस्कार में मिली राशि पुन: कुपोषित बच्चों के लिए प्रदान कर दी। यह एक अनुकरणीय उदाहरण साबित हुआ

विशेष अतिथि एसपी अगम जेन ने कहा

विशेष अतिथि के रूप में मौजूद पुलिस अधिक्षक अगम जैन ने कहा जिले के युवाओं को एकजुट करने का माध्यम हमेशा से ही खेल रहा है। ओलंपिक के रूप में विभिन्न खेलों को शामिल कर जिले की खेल प्रतिभाओं को एक उचित मंच प्रदान करना काबिले तारीफ है। खेलों के माध्यम से न केवल हमारा शरीर स्वस्थ्य रहता है, बल्कि युवा चाहे तो अपना कैरियर भी खेलों में बनाकर अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।
लंबे समय बाद झाबुआ ओलिंपिक का आयोजन होना खेलों के भविष्य के लिए दुखद खबर है। इस आयोजन के लिए पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने सामाजिक महासंघ की सराहना की।

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