चिकित्सक महासंघ का महासम्मेलन, उच्च स्तरीय समिति की बैठक के निर्णय को पारित ना करने की स्तिथि में 3 मई से प्रदेश के 10,000 चिकित्सक करेंगे समस्त चिकित्सीय कार्य बंद | New India Times

पवन परुथी, इंदौर/ग्वालियर (मप्र), NIT:

चिकित्सक महासंघ का महासम्मेलन, उच्च स्तरीय समिति की बैठक के निर्णय को पारित ना करने की स्तिथि में 3 मई से प्रदेश के 10,000 चिकित्सक करेंगे समस्त चिकित्सीय कार्य बंद | New India Times

इंदौर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के सभागृह में शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ के आह्वान पर सभी 52 जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों के लगभग 110 प्रतिनिधियों ने सीधे तौर पर और 70 प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन भाग लिया।
मुख्यमंत्री जी द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति के प्रतिवेदन के आदेश निकालने में शासन के अधिकारियों की निष्क्रियता एवं कर्त्तव्य विमूढ़ता पर मजबूरन महासंघ को, 17 फरवरी 2023 को मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार स्थगित चिकित्सीय कार्यबंद आंदोलन को दोबारा प्रारंभ करने की राह चुनने पर विवश किया जा रहा है।

17 फरवरी को निर्मित उच्च स्तरीय समिति को 1 माह में अपना प्रतिवेदन मुख्यमंत्री जी को देना था तत्पश्चात उच्च स्तरीय समिति के प्रतिवेदन पर त्वरित शासन के आदेश निकालने की बात पर आंदोलन स्थगित किया गया था।

परन्तु 2 माह पश्चात एवं उच्च स्तरीय समिति के निर्णय के बाबजूद अभी तक डीएसीपी एवं अन्य लंबित कोई भी विभागीय आदेश नहीं निकाले गए हैं अतः महासंघ प्रतिवेदन को लागू कर आदेश निकालने हेतु शासन को 2 माह बीतने के बाद 2 सप्ताह का अतिरिक्त समय दे रहा है।
इसके साथ ही कल दिनांक 17 अप्रैल से हर दिन वादा स्मरण दिवस मनाया जायेगा एवं उल्टी गिनती कर रोज प्रशासन को चिकित्सीय कार्य बंद आंदोलन की तारीख गिनायी जायेगी।

1 मई से नए रूप में पुनः एक सशक्त चिकित्सीय कार्य बंद आंदोलन किया जाएगा।

3 मई से निरंतर समस्त चिकित्सीय कार्य बंद आंदोलन, कार्यस्थल के बाहर टेंट एवं माइक लगाकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

साथ ही जिला/संभाग/एमटीए स्तर के पदाधिकारियों को आंदोलन को सफल बनाने हेतु जमीनी स्तर की जिम्मेदारियां सौंपी गई है।
स्थानीय पदाधिकारियों के माध्यम से स्थानीय जनप्रतिनिधियों (प्रभारी मंत्री/विधायक) तथा प्रशासनिक अधिकारियों को आगामी चिकित्सीय कार्य बंद आंदोलन के संबंध में ज्ञापन दिया जायेगा।

चूंकि ये समस्त चिकित्सकों के भविष्य की लड़ाई है, इस हेतु भविष्य के चिकित्सक मेडिकल छात्रों को भी इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा।

साथ ही यह लड़ाई चिकित्सा व्यवस्था को सुधारने की है अतः समस्त शासकीय चिकिसालयों के नर्सिंग ऑफिसर/स्टाफ को भी इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा।

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